04सीटीके14..पापा भाई को वापस बुला दो बुआ.......रोहतक के गांव माजरा में बुधवार को सीवर खोलते समय
रोहतक। पूर्व सूबेदार महाबीर व पत्नी संतोष देवी की शादी के बाद चार बेटियां हुईं, लेकिन बेटा न होने पर निराश हो गए थे। महाबीर ने भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हुए बेटे के लिए मन्नत मांगी और फिर हरिद्वार से कांवड़ लाए।
इसके बाद उनका सबसे बड़ा बेटा राजकुमार (30) हुआ। फिर उनके घर में दीपक ने जन्म लिया और उससे छोटा लक्ष्मण आया। उनके भतीजे अजय कुमार ने बताया कि इसके बाद झज्जर के खरमाण गांव से लेकर रोहतक के माजरा गांव तक जमकर खुशी मनाई गई थी।
अजय ने बताया कि चाचा महाबीर सिंह अपने बच्चों की खुशी का पूरा ध्यान रखते थे। उन्होंने चारों बेटियों और उनसे छोटे बेटे राजकुमार की शादी कर दी थी। दीपक एक कंपनी में काम करता था। छोटा बेटा लक्ष्मण बाइक मैकेनिक था।
दीपक भी अपने भाई लक्ष्मण के काम में मदद कर देता था। चाचा अब दोनों बेटों की शादी की तैयारी रहे थे, लेकिन यह पता नहीं था कि उनके सपनों को पूरा करना तो दूर एक साथ परिवार के तीन लोग हादसे का शिकार हो जाएंगे।
04सीटीके14..पापा भाई को वापस बुला दो बुआ.......रोहतक के गांव माजरा में बुधवार को सीवर खोलते समय
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