जिले में कोरोना संक्रमण नियंत्रण में है। लॉकडाउन से संक्रमण पर जीत पाने में मदद मिली है। तीसरी लहर से निपटने के की तैयारियां पूरी हैं। ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए पीजीआई में एक वार्ड भी बनाया गया है, जहां मरीजों का इलाज चल रहा है। उक्त बातें उपायुक्त (डीसी) कैप्टन मनोज कुमार ने अपने जारी बयान में कहीं हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से युवा वर्ग ज्यादा प्रभावित हुआ। सेना के अनुभव से आपदा के समय काफी मदद मिली है। सेना में प्रयोग की जाने वाली फॉरवर्ड डिलिवरी को लागू करते हुए लोगों तक सामान पहुंचाया गया। उपायुक्त ने कहा कि जिले में पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान ऑक्सीजन व दवाओं की उपलब्धता बनी रही। प्रशासन ने खाद्य पदार्थों, आवश्यक दवाओं, लैब टेस्ट की दरें निर्धारित की, इनकी निगरानी को कमेटियां गठित की गईं। ज्यादा रेट वसूलने की शिकायत पर एडीसी महेंद्र पाल की कमेटी जांच कर कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक संस्थानों, मार्केट एसोसिएशनों, धार्मिक व सामाजिक समस्याओं और स्वयं सेवकों के सहयोग से ही कोरोना पर नियंत्रण हो सका। उन्होेंने बताया कि होम क्वारंटीन मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर दिए जा रहे हैं। पर्याप्त संख्या में वेंटिलेटर, बेड व ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं। प्रशासन ने ब्लैक फंगस पर नियंत्रण की भी तैयारी की है।