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गोदाम में रिकार्ड के बिना भी रखी जाती थी शराब, जसबीर ने कहा 9-10 हजार पेटी शराब निकाली

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सोनीपत। खरखौदा के शराब घोटाले के मामले में बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर ने पकड़े जाने के बाद नया खुलासा किया है। एसआईटी में शामिल डीएसपी के अनुसार जसबीर ने 9-10 हजार पेटी के बीच गोदाम से गायब किए जाने की बात कुबूल की है, जबकि पुलिस के गिनती कराने पर वहां से लगभग 6 हजार पेटी शराब गायब होने की बात कही जा रही थी। वहीं जसबीर से अभी पुलिस को कई सवालों के जवाब का इंतजार है और वह उससे पूछताछ में लगी है।
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एसआईटी में शामिल डीएसपी नरेंद्र कादियान के अनुसार जसबीर ने बताया है कि गोदाम से करीब नौ-दस हजार पेटी शराब चोरी की गई थी। जबकि अभी तक दो बार कराई गई गिनती में करीब छह हजार पेटी शराब का चोरी होना ही सामने आया था। अफसरों का मानना है कि गोदाम में बिना रिकार्ड की शराब भी रखी गई थी। ऐसे मेें पुलिस रिकार्ड में केवल केस प्रापर्टी की शराब की चोरी ही सामने आ रही थी। क्योंकि पुलिस को अभी तक यह मालूम नहीं था कि वहां बिना रिकार्ड की शराब भी रखी जाती थी और उसकी मौका मिलते ही वहां से तस्करी की जाती थी। ऐसा इसलिए किया जाता था, क्योंकि हर किसी को यह मालूम होता था कि वहां तस्करी की पकड़ी हुई शराब रखी है। वहां अवैध रूप से बिना रिकार्ड के शराब रखी हुई है, यह किसी को शक भी नहीं होता था। इसलिए वहां पहले से काफी शराब बिना रिकार्ड के भी रखी गई थी और उसे भी तस्करी की पकड़ी गई शराब के साथ ही निकाला गया।
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यह पांच सवाल जसबीर से एसआईटी ने पूछे
पहला सवाल: शराब घोटाले व तस्करी में किसकी कितनी संलिप्तता थी। हालांकि इसमें भूपेंद्र के बराबर भूमिका जसबीर की मानी जा रही है।
दूसरा सवाल: तस्करी की जब्त शराब को किस तरह से ठिकाने लगवाया गया।
तीसरा सवाल: 30 अप्रैल को लाइन हाजिर व 5 मई को मुकदमा दर्ज होने के बाद जसबीर फरार होकर कहां-कहां रहा।
चौथा सवाल: किस अधिकारी की शह पर यह पूरा घोटाला व तस्करी कराई, इसमें अन्य कौन-कौन शामिल रहा।
पांचवा सवाल: भूपेंद्र के साथ मिलकर कितने मुकदमों की शराब में हेराफेरी की और कितनी बार शराब पकडक़र मुकदमा दर्ज नहीं किया।
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जसबीर ने गोदाम से नौ-दस हजार पेटी शराब चोरी करके बेचने की बात बताई है। इस मामले में उसको किसका संरक्षण मिला हुआ था और जसबीर के संबंध किस-किस के साथ थे। इस बारे में पूछताछ की जा रही है। इसमें किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा।
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-नरेंद्र कादियान, डीएसपी एसआईटी
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