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महिला की हत्या के दोषी पति व ससुर को उम्रकैद, गोली मारकर कर दी थी हत्या

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सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. प्रमिंद्र कौर की अदालत ने महिला की गोली मारकर हत्या करने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी पति और ससुर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पति पर 20 हजार रुपये और ससुर पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। दोषी ने जेल से आने के बाद अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। ससुर पर अपने बेटे को उकसाने का आरोप था।
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विदित रहे कि रोहतक के गांव बनियानी निवासी नरेश ने 6 अगस्त, 2017 को पुलिस को बताया था कि उसके बहनोई गांव मातंड निवासी धर्मेंद्र ने उसकी बहन वैष्णो देवी की गोली मारकर हत्या कर दी है। उसने बताया था कि उसकी बहन की हत्या उसके ससुराल वालों ने मिलकर की है। उसने पुलिस को बताया था कि 4 साल पहले उसकी बहन की शादी धर्मेंद्र के साथ हुई थी। उसके दो बच्चे हैं। शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसकी बहन को तंग करते आ रहे थे। इस बात को लेकर वैष्णो देवी ने महिला थाना रोहतक में भी शिकायत दी थी। उसने बताया था कि 25 जुलाई, 2017 को भी उसकी बहन को जान से मारने की कोशिश की गई थी। जिस बारे में बुटाना पुलिस चौकी में मामला दर्ज हुआ था।
नरेश ने पुलिस को बताया था कि 6 अगस्त, 2017 को वह अपने चाचा कंवर भान के साथ गांव मातंड में गया था। इसी दौरान उन्होंने देखा था कि उसकी बहन वैष्णो गली में बचाओ-बचाओ करते हुए भाग रही थी, जबकि उसका पति धर्मेंद्र हाथ में पिस्तौल लेकर फायरिंग करता भाग रहा था। उसके सास-ससुर और अन्य भी यह कह रहे थे कि आज यह बचकर नहीं जानी चाहिए। इसी दौरान उसके पति ने उसकी बहन को गोली मार दी और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में महिला के पति धर्मेंद्र, ससुर ओमप्रकाश, सास बिमला, देवर वीरेंद्र, जेठ जोगेंद्र, चाचा ससुर नफेसिंह और मामा ससुर शामड़ गांव निवासी रघुवीर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले में आरोपी धर्मेंद्र और ओमप्रकाश को काबू किया था।
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मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे डॉ. प्रमिंद्र कौर की अदालत ने वैष्णो देवी के पति धर्मेंद्र और ससुर ओमप्रकाश को दोषी करार दिया है। दोषी धर्मेंद्र को उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माना तथा ओमप्रकाश को उम्रकैद और 10000 रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने अन्य आरोपियों को को बरी कर दिया।
थाने से आने के बाद कर दी थी पत्नी की हत्या
नरेश ने बताया था कि 4 अगस्त, 2017 को उसकी बहन ने पुलिस को 1091 पर फोन कर उसके साथ हो रहे अभद्र व्यवहार की शिकायत की थी। जिस पर पुलिस ने उसके पति धर्मेंद्र को पूछताछ के लिए बुलाया था। मामले की सुनवाई रोहतक थाने में होनी थी। जिस पर 6 अगस्त, 2017 को पुलिस द्वारा छोड़ने के बाद आरोपी सीधा अपने घर गया था और जाने के बाद उसने वैष्णो को मौत के घाट उतार दिया था।
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