रोहतक। ऊर्जा बचाओ उपकरण प्रयोग करने के लिए बनाई गई बिजली निगम की योजना ग्राहकों की परेशानी बन गई है। निगम से अनुबंध करने वाली कंपनी ने अपने एलईडी बल्ब बेचने के साथ ग्राहकों को तीन साल में उत्पाद खराब होने पर बदलने की वारंटी दी थी, लेकिन वारंटी पीरियड में ही बल्ब खराब हो गए, अब उपभोक्ता बदलवाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। दूसरी ओर कुछ उपभोक्ताओं ने सीएम विंडो पर शिकायत दी लेकिन बिना समाधान किए इसे निपटा दिया गया।
शहर के सेक्टर एक निवासी उमेद सिंह, सेक्टर तीन निवासी पूर्व सूबेदार अनंतराम, राजबीर राठी, सेक्टर-2 निवासी डॉ. राजेश, चांद सिंह आदि उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली निगम कार्यालय के बाहर लगे काउंटर से बल्ब खरीदे थे। तीन साल की वारंटी मिली, लेकिन बल्ब समय से पहले खराब हो गए, बदलवाने गए तो न निगम ने बल्ब बदले न कंपनी ने। आरटीआई लगाई तो संतुष्ट जवाब नहीं मिला। सीएम विंडो पर शिकायत की तो डाकघर से बदलवाने की बात कही, वहां गए तो कंपनी कर्मचारियों ने बल्ब बदलने से साफ इनकार कर दिया। कंपनी ने कहा कि यहां सिर्फ डाकघर काउंटर से खरीदे गए बल्ब ही बदले जाएंगे।
लॉकडाउन के बाद काउंटर ही शुरू नहीं हुए हैं। काउंटर शुरू होने पर बल्ब बदलने की व्यवस्था शुरू करेंगे। उत्पाद में कोई कमी नहीं है। पिछले दिनों हमारे डिस्ट्रीब्यूटरों का कांट्रेक्ट खत्म हो गया था। लॉकडाउन से पहले नए टैंडर हो गए हैं। इसकी अंतिम प्रक्रिया पूरी होते ही अगली कार्रवाई की जाएगी। खराब बल्ब बदले जाएंगे।
-दीपक, असिस्टेंट इंजीनियर, ईईएसएल, काउंटर, डाकघर।
निगम ने ऊर्जा बचाओ उपकरण को बढ़ावा देने के लिए ईईएसएल कंपनी को जगह दी गई थी। कंपनी ने एलईडी बल्ब ग्राहकों को उपलब्ध कराए। अब डाकघर के काउंटर पर बल्ब बेचे जा रहे हैं। कंपनी निगम के स्टोर में सप्लाई नहीं दे रही है। हमारे पास आ रही शिकायतों में सही मामलों का समाधान कराया जा रहा है। इनके बल्ब नहीं बदले जा रहे हैं, उन्हें बदला जा रहा है। बिल में अधिक रेट पर टैक्स वसूलने का कोई मामला नहीं है। बिल सॉफ्टवेयर जनरेट करता है।
- सुरेश कुमार बंसल, एसई, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम।