- वर्धमान एंकलेव निवासी उमा शर्मा ने 36 साल पहले घर में बनाई थी बगिया
- उमा की बगिया में रुद्राक्ष, कल्प वृक्ष, सहित अब 1000 पौधों की संख्या
- स्कूल-कालेजों से लेकर महिला क्लब में व्याख्यान भी देने जाती है उमा
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। दूरदर्शन के कृषि दर्शन कार्यक्रम से उमा शर्मा ने पौधों के पोषण और रखरखाव के गुर सीखे और करीब 36 साल पहले अपने आंगने में छोटी बगिया से शुरुआत की। आज आंगन की बगिया में 1000 से अधिक पेड़ पौधे लहरा रहे हैं। वे बताती हैं कि पौधों का शौक उन्हें बचपन से था, कॉलेज में बढ़ता चला गया।
टेलीविजन के कृषि दर्शन कार्यक्रम से उन्हें पेड़-पौधों से जुड़ी बारीकियां पता चलीं जिसके बाद घर के आंगने में भी शोभादार पौधे लगाने शुरू किए। इसके बाद लगातार उसमें पौधे बढ़ा रही हैं। मौसम के अनुसार पौधों की कटिंग व खाद का प्रबंध पहले से ही रखती हैं। वे कालेजों में व्याख्यान भी देने जाती हैं।
सन 1975 में वर्धमान एंकलेव निवासी उमा की शादी हरियाणवी अभिनेता व अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस खिलाड़ी राज शर्मा के साथ हुई। शादी के बाद घर में सजावट की जिम्मेदारी उन्होंने ही संभाली। बीएससी व एमए पास उमा ने घर-आंगन में फूलों से लेकर फलदार व औषधीय सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए हैं।
हर पौधा है यादगार
इनर व्हील क्लब की पूर्व प्रधान उमा ने बताया कि उनके लिए हर पौधा यादगार है जिस तरह हमारे लिए भोजन आवश्यक है उसी प्रकार शुद्ध वायु भी जीवन देने वाली होती है। वे आंगन में लगे सभी पौधों के नाम जानती हैं। 26 साल पहले उनके भाई विजय जैन ने शादी की सालगिरह पर उन्हें पहाड़ी क्षेत्रों में मिलने वाला पाइन यानी चीड़ का पौधा दिया था जो अब पेड़ बन चुका है।
फलों की बीजों से उगाती हैं पौधे
वे बाजार से फल लेकर आती हैं तो कभी कभी उनके बीज से पौधा भी तैयार करती हैं। जिनको आंगन में लगाती हैं और अपनी जानकारों को भेंट करती हैं। बगिया में पेड़ पौधों में खाद डालने के लिए वह गौशाला से खाद मांगती हैं। जरूरत पड़ने पर घर पर ही फलों-सब्जियों के वेस्ट से खाद भी बना लेती है।
इन प्रजातियों के पौधे आंगन में बढ़ा रहे हैं शोभा
उनके आंगन में अमरूद, नारंगी, गेंदा, डेलिया, गुलाब, पेटूनिया, एंटोनिय, साल्विया, पेंसी, कैंडीटफ्ट, डेंथस, हारसिंगार, बुगनबेल, राज की रानी, फाइकस, एरोकेरिया, जंगल जलेबी, स्नेक प्लांट, ढाक, शहतूत, कचनार, अशोक, कल्प वृक्ष, रुद्राक्ष, बरगद, पीपल सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए हुए हैं।
थाईलैंड से लेकर आई थी ऑर्किड :
करीब 10 साल पहले थाईलैंड से ऑर्किड का पौधा लाकर आंगन में लगाया। बेलपत्र, स्टार फ्रूट, अंगूर की बेल व स्पाइडर, चंदन, एलोवेरा, तुलसी ग्वारपाठा, जाटी, शमी, बांस, कढ़ी पत्ता, तेजपत्ता आदि पौधे भी उन्होंने लगाए हैं। छोटे पौधों को वे महिलाओं को गिफ्ट भी देती हैं।
6-शहर के वर्धमान एंक्लेव में बनाई बगिया में देखभाल करती इन्नर व्हील क्लब की पूर्व प्रधान उमा शर