रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के विवेकानंद पुस्तकालय में आयोजित तीन दिवसीय पुस्तक मेले के दूसरे दिन वीरवार को विद्यार्थियों में काफी उत्साह दिखा। पुस्तक मेले में कहानी, उपन्यास, आत्मकथा, शायरी, स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनी, बाल कविताएं, शिक्षा और मन की बात से संबंधित पुस्तकें शामिल रहीं। सबसे ज्यादा युवाओं ने शायरी की पुस्तकें खरीदीं। शायरी में आखिरी इश्क सबसे पहले किया पुस्तक की मांग रही। वहीं रिसर्च स्कॉलर को अपने टॉपिक से संबंधित पुस्तकें पसंद आई। अलग-अलग विभागों के बच्चों का साहित्य और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात इग्नाइटिंग कलेक्टिव गुडनेस पुस्तक काफी पसंद आई। मेले में 80 से 35 हजार रुपये कीमत की पुस्तक देखने को मिली।
आत्मकथा के लिए जूठन पुस्तक बनी पसंद
बुक स्टॉल लगाने वाले मनीष पांडेय ने बताया कि कहानी, उपन्यास, आत्मकथा और शायरी की पुस्तक काफी पसंद आई। शायरी में आखिरी इश्क सबसे पहले किया पुस्तक ने सभी को लुभाया। कहानी में रश्मि रथी दिनकर और प्राणेश्वर नाथ रेणु की पुस्तक पसंद आई। आत्मकथा में ओमप्रकाश वाल्मीकि की पुस्तक जूठन पसंद आई। उपन्यास में मैला आंचल व चित्र लेखा ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
स्वतंत्रता सेनानियों की की जीवनियों ने लुभाया
समाजशास्त्र के छात्र रघुवीर दहिया ने कहा कि मुझे सबसे ज्यादा स्वतंत्रता सेनानियों की पुस्तकें पसंद आई। मैंने देखा कि विद्यार्थी भी इन पुस्तकाें को खरीद रहे थे। दिल्ली चलो, सुभाष चंद्र बोस की पुस्तक राजनीतिक दस्तावेज खरीदी। उन्होंने कहा कि सामान्य पढ़ने वाली और संविधान से संबंधित पुस्तक विद्यार्थी खरीद रहे हैं।
शोधार्थियों ने खरीदी अपने टॉपिक से संबंधित पुस्तकें
राजनीति विज्ञान से स्कॉलर कर रही अनिता ने कहा कि इस पुस्तक मेले में रिसर्च स्कॉलर को अपने टॉपिक से संबंधित पुस्तकें पसंद आई, विद्यार्थियों ने उन्हें खरीदा भी। उन्होंने कहा कि हिंदी उपन्यास की पुस्तक भी ज्यादा पसंद आई। उन्होंने बताया कि मैंने दूसरे शोधार्थियों को भी अपने टॉपिक से संबंधित पुस्तक खरीदते हुए देखा।
इग्नाइटिंग कलेक्टिव गुडनेस भी लोगों ने खरीदी
बुक स्टॉल लगाने वाले रामेश्वर अहिरवाल ने बताया कि स्वतंत्रता सेनानियों की इंडिया 75 सीरीज और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात वाली पुस्तक इग्नाइटिंग कलेक्टिव गुडनेस भी लोगों की पसंद रही। उन्होंने बताया कि ज्यादातर बच्चे कहानियां, उपन्यास, व शायरी की पुस्तक पसंद कर रहे हैं।
दूसरे दिन मुख्यातिथि भारतीय पुनर्वास परिषद की अध्यक्ष डाॅ. शरणजीत कौर ने कार्यक्रम के शुभारंभ के साथ पुस्तक मेले में तीन पुस्तकों का विमोचन किया। शिक्षाविद डाॅ. सीता राम व्यास ने इस कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की। मुख्य अतिथि ने कहा कि किताबों में जीवन का सार होता है। इनमें लेखक अपने जीवन के अनुभव को साझा करते हैं। जीवन में अच्छा इंसान बनने के लिए संवेदनशील होना होगा। किताबें इंसान को संवेदनशील बनाती हैं। उन्होंने युवाओं से किताबों से जुड़ने का आह्वान किया।
डाॅ. व्यास ने कहा कि हर व्यक्ति के मन में कविता छिपी होती है, जो किताब में काव्य और लेखन के रूप में हमारे सामने आती है।पुस्तक मेले में डाॅ. रमा कांता की पुस्तक विप्लव गान, डाॅ. चंद्र दत्त की पुस्तक व डाॅ. मधुकांत के काव्य का समीक्षात्मक अध्ययन व नेहा धनखड़ की पुस्तक बंजर मन का लोकार्पण डाॅ. शरणजीत कौर ने किया। डा. रमा कांता, डा. चंद्र दत्त और नेहा धनखड़ ने अपनी पुस्तकों बारे बताया। यूनिवर्सिटी लाइब्रेरियन डा. सतीश मलिक ने बताया कि शिक्षक, विद्यार्थी और पुस्तक प्रेमी इस मेले में भाग ले रहे हैं। डिप्टी लाइब्रेरियन डाॅ. सीमा ने मंच संचालन किया। प्रतिष्ठित लेखक डा. मधुकांत ने आभार प्रदर्शन किया।
इस मौके पर आकाशवाणी के पूर्व निदेशक धर्मपाल मलिक, एमडीयू के सेवानिवृत निदेशक युवा कल्याण डाॅ. जनार्दन शर्मा, सेवानिवृत्त प्रोफेसर डाॅ. डीएस हुड्डा व पुस्तक प्रेमी उपस्थित रहे।
07सीटीके11..रामेश्वर अहिरवाल, बुक स्टॉल। संवाद
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