पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने बुधवार को संस्थान के अधिकारियों एवं कोविड-19 अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। यहां महामारी से निपटने की रणनीति पर चर्चा करते हुए युद्ध स्तर पर काम करने की आवश्यक बताई। इसके लिए अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश भी जारी किए गए।
कुलपति ने कहा कि कोरोना तेजी से फैल रहा है। इस कारण हमें युद्ध स्तर पर कार्य कर भविष्य के लिए रणनीति बनाकर तैयार रहना होगा, ताकि संस्थान में आने वाले मरीजों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी विभागों को आदेश दिए कि किसी भी चीज की संस्थान में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। मरीजों के हित में जो भी चीज खरीदनी है, खरीदी जाए। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी हाल में संस्थान में ऑक्सीजन की कमी नहीं होनी चाहिए, इसके लिए पहले से बंदोबस्त रखें। किसी भी हाल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की जरूरत पड़ती है तो तुरंत प्रभाव से लिया जाए। लाला श्याम लाल बिल्डिंग के बी ब्लॉक व मॉड्यूलर आईसीयू के तृतीय तल को भी कोविड-19 में बदलने के लिए कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर वहां पर भी मरीजों को भर्ती किया जा सके। यहां हर बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध रहे। ट्रॉमा ट्रायएज क्षेत्र में आने वाले हर मरीज को ऑक्सीजन प्राथमिकता पर लगाई जाए ताकि किसी मरीज को ऑक्सीजन की कमी न रहे। पीजीआईएमएस में सिर्फ गंभीर मरीजों को रखा जाए। कम लक्षण वाले मरीजों को क्वारंटीन सेंटर या सिविल अस्पताल में भेजा जाए। इस मौके पर कुलसचिव एचके अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पा दहिया समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
पीजीआई के 50 स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित
कोरोना से जंग लड़ने में जुटे पीजीआई के 50 स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित हो गए हैं। इनमें से 28 संस्थान में ही उपचाराधीन हैं। संक्रमितों में डॉक्टर, नर्स, लिपिक व अन्य कर्मचारी शामिल हैं।