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एक दिन में रिकॉर्ड 23 शवों का हुआ अंतिम संस्कार

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कोरोना संक्रमण बढ़ने पर माता दरवाजा स्थित शीतला माता मंदिर बंद कर दिया गया। इस दौरान बुधवार को ल - फोटो : RohtakCity
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कोरोना संक्रमण से शहर के सरकारी व निजी अस्पतालों में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बुधवार को रिकॉर्ड 23 कोरोना संक्रमित शव नगर निगम के पास अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे। अब भी आठ शव ऐसे हैं, जिनका वीरवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। वैश्य संस्था के नजदीक श्मशान में जगह कम पड़ने पर निगम ने जींद रोड स्थित श्मशान में और संस्कार की व्यवस्था की है। कोरोना संक्रमण के आंकड़ों ने शासन व प्रशासन की नींद उड़ा दी है। नगर निगम के पास बुधवार को रिकॉर्ड तोड़ शव संस्कार के लिए पहुंचे। निगम ने अंतिम संस्कार के लिए वैश्य संस्था के नजदीक प्राचीन शिव मंदिर श्मशान में व्यवस्था की थी। एक सप्ताह पहले वहां पर हर रोज आठ शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, लेकिन मरने वालों की संख्या बढ़ने पर मंगलवार को 12 शवों का संस्कार किया गया। इसके बावजूद कई शवों के संस्कार में देरी हो रही थी। बुधवार को 23 शव नगर निगम के पास पहुंचे। इसमें वैश्य संस्था के नजदीक श्मशान में सुबह व दोपहर बाद 6-6 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। जबकि 6 शव शाम के समय श्मशान में लाए गए। जबकि 4 शव जींद रोड स्थित शिव शंकर श्मशान भूमि में ले जाए गए। एक शव को जींद रोड स्थित क्रबिस्तान में दफनाया गया।
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आठ शवों का आज होगा अंतिम संस्कार, एक श्मशान छोटा पड़ा, दूसरे का भी किया चयन
नगर निगम के पास एक दिन में पहले 8 व अब 12 शवों के अंतिम संस्कार की सुविधा है, लेकिन कोरोना संक्रमित शव पिछले एक सप्ताह में बढ़ गए। बताया जा रहा है कि कुछ मृतकों के परिजन पीजीआई के आला अधिकारियों के पास पहुंचे और समय पर संस्कार कराने की मांग की। मामला निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा के पास पहुंचा। मांग की गई कि एक दिन में ज्यादा से ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार करवाया जाए। इसके चलते वैश्य संस्था के नजदीक श्मशान के अलावा जींद रोड स्थित श्मशान भूमि में कोरोना संक्रमित शवों का संस्कार करने का निर्णय लिया गया। सूत्रों का कहना है कि अब भी आठ शव बाकी हैं, जिनका वीरवार को नगर निगम अंतिम संस्कार करेगा।
जल्द चालू होगा बिजली-गैस संचालित दाह संस्कार केंद्र
नगर निगम ने वैश्य संस्था के नजदीक श्मशान में 65 लाख की लागत से बिजली-गैस से संचालित दाह संस्कार केंद्र बनवाया है, जिसे एक सप्ताह में चालू करने का प्रयास किया जा रहा है। बुधवार को भी एक्सपर्ट की टीम ने केंद्र का निरीक्षण किया, ताकि जल्द चालू किया जा सके।
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दिल्ली के तीन मरीजों ने भी तोड़ा निजी अस्पतालों में दम
जिले के बाहर के कोरोना संक्रमित मरीज भी रोहतक में दाखिल हैं। बुधवार को जींद रोड स्थित शिव शंकर श्मशान भूमि में चार शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाए गए, उनमें महिला सहित तीन शव दिल्ली के मरीजों के थे। इनमें दो शव सोनीपत रोड स्थित एक निजी अस्पताल व एक शव मेडिकल मोड़ के नजदीक निजी अस्पताल से लाया गया था। वहीं, चौथा शव कलानौर खंड के गांव गुढ़ान के युवक का था।
मंदिर के दरवाजे बंद, फिर भी गेट पर ही पूजन
एक तरफ कोरोना संक्रमण से हर रोज मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। वहीं, दूसरी तरफ मंदिरों के बाहर भीड़ कम नहीं हो रही है। प्रशासन के निर्देश पर माता दरवाजा स्थित शीतला माता मंदिर के दरवाजे बुधवार को बंद थे, लेकिन दूर-दूर से लोग पूजा के लिए मंदिर के बाहर पहुंच रहे थे। मंदिर के गेट पर ही लोगों ने पूजा पाठ शुरू कर दिया गया। इतना ही नहीं, चौक के आसपास मेला लगा हुआ था। प्रशासन की तरफ से भीड़ नियंत्रित करने के लिए कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दी।
बुधवार को निगम के पास रिकॉर्ड 23 कोरोना संक्रमित शव पहुंचे। इसमें तीन राउंड में 18 शवों का वैश्य संस्था के नजदीक श्मशान में अंतिम संस्कार किया गया। पांच शव जींद रोड पर भेजे गए। इसमें चार शवों का जींद रोड स्थित शिव शंकर श्मशान भूमि में अंतिम संस्कार किया गया। एक शव को जींद रोड स्थित कब्रिस्तान में दफनाया गया है। अब भी आठ शव बचे हैं, जिनका वीरवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। निगम का प्रयास है कि शवों का समय पर अंतिम संस्कार हो सके।
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- प्रदीप गोदारा, आयुक्त, नगर निगम
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