जाट भवन में हुई सर्वखाप की पंचायत।
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कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 65 दिनों से लगातार किसान आंदोलन जारी है। गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुई ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसक घटनाओं के बाद शुक्रवार को रोहतक के जाट भवन में सर्वखाप की पंचायत हुई। इसमें कई खाप के पदाधिकारियों ने शिरकत की। पंचायत की अध्यक्षता 84 खाप के प्रधान हरदीप सिंह अहलावत ने की। खाप पदाधिकारियों ने बताया कि बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि हरियाणा की खापें अब किसान आंदोलन में बढ़-चढ़ कर भाग लेंगी और किसानों के समर्थन में ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचेगी।
वही खाप पंचायत को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन अंबावत के प्रदेश अध्यक्ष अनिल नांदल उर्फ बल्लू प्रधान ने कहा कि किसान शांतिपूर्वक धरने पर बैठा है और सरकार के ऊपर कोई असर होता दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को दिल्ली में लाल किला की घटना शर्मसार करने वाली है लेकिन यह सरकार की ओर से आंदोलन को खत्म करने की एक साजिश थी। उन्होंने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाने की भी बात कही।
बल्लू प्रधान ने खाप पंचायतों से आग्रह किया कि वे आंदोलन में हर घर से एक-एक आदमी की भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि आंदोलन को और मजबूती दी जा सके। भाकियू नेता बल्लू प्रधान ने कहा कि 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर टोल प्लाजा पर चल रहे धरनों पर एक दिवसीय अनशन रखा जाएगा।
टिकैत ने आंदोलन को दिया जीवनदान : सतीश राणा
सर्वखाप पंचायत में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता सतीश राणा ने कहा कि हमारे आंदोलन को और नई धार मिल गई है। एक बार फिर से सारे देश के किसान एकजुट हो गए हैं और सर्वखाप ने किसान यूनियन को मदद का पूरा भरोसा दिया है। उन्होंने बताया की शनिवार को पूरे प्रदेश से सभी खापों के प्रतिनिधि गाजीपुर बॉर्डर पर जाकर किसान नेता राकेश टिकैत को समर्थन देंगे।
साथ ही उन्हें इसी तरह डटे रहने के लिए अपना पूरा सहयोग करेगी। राकेश टिकैत ने किसान आंदोलन को एक नया जीवनदान दिया है। यदि भविष्य में सरकार द्वारा जबरन धरना उठवाने की कोशिश की गई, तो सर्वखाप मिलकर बैकअप सपोर्ट करेगी ताकि सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया जा सके।