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Rohtak News: कायाकल्प की टीम को नागरिक अस्पताल में मिलीं खामियां

Wed, 25 Dec 2024 08:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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फोटो: 19रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में सुविधाओं का निरीक्षण करती कायाकल्प की टीम। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। गुरुग्राम से आई कायाकल्प की टीम ने मंगलवार को नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान तमाम खामियां पाई गईं जिसपर टीम ने चिंता जताई। टीम ने बारीकी से निरीक्षण किया।
कायाकल्प की टीम में डॉक्टर मीनाक्षी, डॉक्टर नीरज यादव और डॉक्टर कपिल शामिल थे। टीम के सदस्यों ने अलग-अलग निरीक्षण किया। टीम ने पूछताछ केंद्र के पास रजिस्टर के बारे में जानकारी ली लेकिन कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। अनाउंसमेंट माइक का प्रबंध नहीं पाया गया। सर्जिकल वार्ड के पास एक भी लाइट नहीं जल रही थी। अंधेरा छाया था। टीम ने कहा कि जब दिन में अंधेरा है तो रात में क्या स्थिति होती होगी। टीम ने 36 वाट का एलईडी बल्ब लगाने का सुझाव दिया।
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निरीक्षण के दौरान अस्पताल के कर्मचारियों ने उन कमरों को बंद रखा था, जहां पर अव्यवस्था थी। इस दौरान फायर कर्मचारी को बुलाया गया था लेकिन मौके पर वह मौजूद नहीं था। टीम ने पाया कि आपातकाल स्थिति से निपटने के लिए गेट खुलने जैसा कोई इंतजाम नहीं है। टीम ने कहा कि अगर कभी आग लग जाए तो इससे निपटना काफी मुश्किल हो सकता है। चिकित्सकों ने कहा कि मॉक ड्रिल होती रहती है, लेकिन टीम संतुष्ट नहीं हुई। टीम ने कंडम सामान रखने के लिए अलग स्थान पर व्यवस्था करने की बात कही।
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शौचालय की दशा खराब, छत का एक हिस्सा टूटा मिला

टीम ने आईसीयू वार्ड के पास शौचालय का जायजा लिया। यहां गंदगी देख टीम ने चिंता जताई। टीम के सदस्य ने कहा कि शौचालय के निरीक्षण के लिए मास्क की जरूरत है। तब अस्पताल के कर्मचारियों ने मास्क की व्यवस्था की। टीम जब इंटेंसिव केयर यूनिट के अंदर गई तो एक कमरे की छत का हिस्सा टूटा हुआ था। टीम ने पूछा कि आखिर यह स्थिति इतनी खराब क्यों है। इस दौरान अस्पताल के चिकित्सकों ने कहा कि अभी मरम्मत का कार्य चल रहा है। हालांकि, टीम उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। इसके अलावा नागरिक अस्पताल में सफाई की कमी, गायनी वार्ड में असुविधाएं, कुछ दवाओं की कमी, दवाएं ठीक से नहीं रखी थीं। सामान बेतरतीब पड़े थे, अस्पताल की खिड़कियां टूटी थीं।

सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।

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