रोहतक। दिवाली के दिन कारोर गांव में जमानत पर आए युवक मोहित की हत्या व फौजी ढाबे पर फायरिंग के बाद फरार छाजू गैंग के मास्टर माइंड व उसके साथी सोनू निवासी टिटौली को सीआईए प्रथम की टीम ने गुरुग्राम के मानेसर से गिरफ्तार किया है। बुधवार को पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से सात दिन के रिमांड पर लिया है।
डीएसपी सांपला राकेश मलिक ने बताया कि कारोर में लंबे समय से अनिल छिप्पी व छाजू गैंग के बीच दुश्मनी चल रही है। अब 2001 से 2023 तक 20 के करीब लोगों की हत्या हो चुकी है। 2018 में अनिल छिप्पी गैंग ने छाजू गैंग के आनंदपाल की हत्या कर दी थी। आरोप था कि गांव के युवक मोहित ने छिप्पी गैंग के लिए आनंदपाल की रैकी की थी। अब मोहित जमानत पर घर आया हुआ था। उसकी दिवाली के दिन दिनदहाड़े 13 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। इतना ही नहीं, 20 दिसंबर को चुलियाना मोड़ पर फौजी ढाबे पर फायरिंग की गई। इसमें भी पुलिस को जतिन, उसके साथी सोनू व कारोर निवासी कपिल उर्फ छोटू की तलाश थी। एसपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सीआईए प्रथम व द्वितीय की टीमें तैयार की। सीआईए प्रथम के एएसआई विनोद, मंजीत व अमित की टीम ने गुरुगाम के मानेसर में छापा मारकर जतिन, सोनू व कपिल को गिरफ्तार कर लिया है। कपिल को फौजी ढाबे पर फायरिंग के आरोप में काबू किया गया। जबकि जतिन व सोनू को मोहित हत्याकांड में रिमांड पर लिया है। फौजी ढाबे पर फायरिंग केस में बाद में गिरफ्तार किया जाएगा। मोहित हत्याकांड में पुलिस आरोपी प्रशांत उर्फ अंशुल निवासी पर्वतीय कॉलोनी फरीदाबाद व रोहित उर्फ मोटा निवासी गांव टिटोली को पहले गिरफ्तार कर चुकी है।
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पिता व चाचा की हत्या का लिया बदला, 23 साल में हो चुकी हैं 20 हत्याएं
डीएसपी ने बताया कि गांव कारोर में 2001 से दो पक्षों में खूनी रंजिश चल रही है। 2001 से 2023 तक 20 लोगों की हत्याएं हो चुकी हैं। 2013 में जतिन के पिता श्रीभगवान की दुलिना, झज्जर के पास पुलिस हिरासत में हत्या हुई थी। जबकि उसके चाचा आनंदपाल की 2018 में हत्या हुई थी। इसके अलावा 2022 में थाना शिवाजी काॅलोनी में जतिन के खिलाफ स्नेचिंग व मारपीट का एक-एक केस दर्ज है। इसमें जतिन गिरफ्तार हो चुका है।