रोहतक। माजरा स्थित मकान साहेब से कलश शोभायात्रा निकाली गई। इसके नजारा देखने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कलश यात्रा में लगाए जा रहे जयकारे से वातावरण भक्तिमय रहा।
कलश यात्रा हरिद्वार के महाकुंभ जैसा नजर आया। स्वामी नितानंद के स्वरूप को रथ में सजाकर सत साहब की धर्मपताका भक्तजनों के कंधों पर सज रही थी। वहीं हजारों महिलाएं कलश के साथ इस शोभायात्रा की पुण्य की भागीदार बनी। श्रद्धालुओं के उमड़े जनसैलाब ने राम को भी बरसने के लिए विवश कर दिया। बरसात की परवाह के बिना श्रद्धालु भक्तजन जटेला धाम की अमरपुरी में 4:00 बजे पहुंचे। कई किलोमीटर लंबा काफिला वातावरण को नितानंदमय हो गया। महंत राजेंद्र दास व अन्य संत महात्माओं के नेतृत्व में इस शोभायात्रा का भव्य नजारा रहा। जगह-जगह पर पानी की छबील लगाई गई। कलश शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा से भक्तजनों ने स्वागत किया। जटेला धाम की ओर बढ़ते हुए महंत राजेंद्र दास ने कहा कि कलश सुख-समृद्धि का प्रतीक है। माताएं-बहनें भी सृष्टि की सृजक व पालनहार हैं।अतः कलश शोभायात्रा मानव मात्र व सब प्राणियों के लिए कल्याणकारी साबित होगी। स्वामी आत्मानंद महाराज ने कहा कि यह कलश शोभायात्रा देश की अध्यात्मिक की उन्नति का आधार साबित होगी। स्वामी जितेंद्र दास महाराज ने सभी कलश यात्रियों और भक्त जनों का को आशीर्वाद दिया। अन्य संत महात्माओं ने भी श्रद्धालुओं के पुण्य की कामना की।