गांधी कैंप में 4 जून को जोगिंद्र उर्फ जुग्गी की गोलियां मारकर हत्या करने के तीनों आरोपियों को सीआईए वन ने मेरठ से गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा आरोपियों को अपने मकान में आश्रय देने वाली एक आरोपी की महिला मित्र को भी पकड़ा है। आरोपियों को वीरवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
डीएसपी मुख्यालय गोरखपाल राणा ने बताया कि पूछताछ में मुख्य आरोपी अनिल उर्फ सोनू ने अपने पिता, दादा व दादी की हत्या का बदला लेने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर जोगिंद्र उर्फ जुग्गी की हत्या की साजिश रची थी। जोगिंद्र हाल में पैरोल पर आया हुआ था। आरोपी अक्षय व गुरु ने जोगिंद्र की लोकेशन के बारे में अनिल को बताया था। इसके बाद स्कूटी पर सवार होकर अनिल, संजय व अरुण मौके पर पहुंचे और जोगिंद्र की गोलियां मारकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद तीनों आरोपी वहां से दिल्ली बाईपास पर पहुंचे जहां पहले से ही एक आरोपी की महिला मित्र कार में उनका इंतजार कर रही थी। आरोपियों ने एक रात रास्ते में ही गुजारी व अगले दिन सभी मेरठ में महिला मित्र के घर पर पहुंचे। आरोपी महिला ने तीनों आरोपियों को अपने मकान में आश्रय दिया हुआ था। सीआइए वन प्रभारी प्रवीन कुमार को सूचना मिली कि वारदात को अंजाम देने वाले तीनों युवक मेरठ में छिपे हुए हैं। इसके बाद टीम गठित कर उन्हें पकड़ा गया। आरोपियों की पहचान अनिल उर्फ सोनू निवासी विकास नगर रोहतक, संजय चावला निवासी वार्ड 13 कलानौर, अरुण उर्फ चव्वनी निवासी गांधी कैंप रोहतक, महिला नीरज निवासी सदरपुर बैसमा जिला मेरठ हाल किरायेदार कृष्णा कॉलोनी के रूप में हुई है।
करीब 17 साल पुरानी है रंजिश
आरोपी अनिल के पिता राजेंद्र उर्फ टीटू सुनार की सन 2003 में हत्या की गई थी। मृतक के पिता चौधरी राम की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था। वारदात के 6 माह बाद जोगिंद्र ने चौधरी राम की हत्या की वारदात को अंजाम दिया। उक्त मामले में जोगिंद्र को अदालत से उम्रकैद की सजा हुई थी जिसमें जोगिंद्र पैरोल पर आया हुआ था। सन 2005 में अनिल उर्फ सोनू की दादी की गोली मारकर हत्या की गई। अनिल को शक था कि वारदात में जोगिंद्र का हाथ था। करीब 17 साल से ही अनिल अपने पिता, दादा व दादी की हत्या का बदला लेने के लिए रंजिश पाले हुए था।
आरोपियों का रहा आपराधिक रिकार्ड रहा
आरोपी संजय चावला का पुराना आपराधिक रिकार्ड रहा है। आरोपी अवैध हथियार रखने के मामले में राजस्थान व रोहतक में गिरफ्तार हो चुका है। इसके अलावा आरोपी दिल्ली में अवैध शराब सहित गिरफ्तार हुआ था। तीनों मामलों में आरोपी फरार चल रहा है और उद्घोषित अपराधी घोषित है। आरोपी करीब 4-5 साल पहले रोहतक से फरार होकर मेरठ (उत्तर प्रदेश) में जाकर रहने लगा था। आरोपी संजय मेरठ में अवैध शराब का धंधा करता है। आरोपी अरुण उर्फ चवन्नी के खिलाफ मारपीट के दो मामले दर्ज हैं। करीब 5 साल पहले अरुण उर्फ चवन्नी व संजय चावल रोहतक में कॉस्मेटिक की एक दुकान पर काम करते थे। तब से आरोपियों की आपस में जान पहचान है।