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रोहतक में संक्रमण से तीसरी मौत, न्यूरो सर्जन, नवजात, शिक्षक, रेलवे कर्मी समेत 27 नए मरीज मिले

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जिले में कोरोना के संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बुधवार को जिले के तीसरे संक्रमित मरीज की मौत हो गई। न्यूरो सर्जन, नवजात, कुक, रेलवे कर्मचारी समेत 27 नए मरीज मिलने के साथ संक्रमितों का आंकड़ा 228 पहुंच गया, इसमें 193 एक्टिव मरीज हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन में बुुधवार को शहर के विभिन्न स्थानों पर कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसमें से कुछ मरीजों की दिल्ली की कांटेक्ट हिस्ट्री है। वहीं, ज्यादातर मरीज पहले से संक्रमित मरीजों के कांटेक्ट में आने से चपेट में आए हैं। नसीरपुर छोटी चमारिया के कोरोना संक्रमित परिवार से पांच और लोगों में संक्रमण मिला है। बहु अकबरपुर निवासी और पटेल नगर में असिस्टेंट सिग्नल विभाग में तैनात कर्मचारी संक्रमित मिला है, इन्हें 18 जून तक होम आइसोलेट किया है। इसके अलावा कमला नगर, बोहर भोपाल पाना से दो छात्र, रामपुरा कॉलोनी सांपला का छात्र, एक कर्मचारी, दतौड़ से बच्चा, मानसरोवर कॉलोनी में दिल्ली नौकरी करने वाला व्यक्ति संक्रमित मिले हैं। शीतल नगर व न्यू चिन्योट कॉलोनी का शिक्षक, सुुुुभाष नगर का कुक, सब्जी मंडी पटेल नगर व पटेल नगर से दो अन्य भी संक्रमित मिले हैं। वहीं शुगर और सांस लेने में दिक्कत के कारण 56 व्यक्ति संक्रमित मरीज ने बुधवार को दम तोड़ा।
मरीज का उपचार करते-करते हुए संक्रमित, तो दूसरी ओर सर्जरी करते-करते आई पॉजिटिव रिपोर्ट
पीजीआईएमएस के न्यूरो सर्जरी विभाग में दो मरीजों का उपचार करने वाले डॉक्टरों को बाद में पता चला कि उनका मरीज कोरोना पॉजिटिव था। इसके चलते विभाग के डॉक्टर क्वारंटीन में चल रहे थे। वहीं बुधवार को कोरोना पॉजिटिव मिले एक अन्य न्यूरो सर्जन को उस समय अपनी रिपोर्ट का पता चला, जब वह सर्जरी कर रहे थे। जैसे ही डॉक्टर को स्वयं को कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला वह ओटी के बाहर आ गए। अब सुबह से दोपहर तक हुई सर्जरी व उसमें शामिल डॉक्टरों की कांटेक्ट हिस्ट्री तलाशी जाएगी। इसके अलावा गनीमत यह है कि न्यूरो सर्जरी विभाग के दो डॉक्टरों का क्वारंटीन समय पूरा हो गया है और वह वीरवार से ड्यूटी पर आ जाएंगे। गौरतलब है क्वारंटीन में चल रहे डॉक्टरों ने दो मरीजों का उपचार किया था। उपचार करने के बाद सामने आया था कि वह कोरोना पॉजिटिव थे। हालांकि सर्जरी के दौरान पूरी टीम पीपीई किट में थी, इसलिए संक्रमण फैलने की आशंका कम मानी जा रही है।
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सात माह में जन्मा एक महीने का नवजात संक्रमित, पीजीआईएमएस के निकू में भर्ती
- जन्म से ही सांस लेने में समस्या के कारण दो निजी अस्पतालों में रखा भर्ती
प्रदेश में सबसे कम आयु के नवजात को कोरोना ने अपनी चपेट में ले लिया है। 11 मई को सात माह में जन्मे नवजात को जन्म से ही सांस लेेने में समस्या हो रही थी। इसके कारण उसका दो निजी अस्पतालों में उपचार चला। बुधवार को नवजात की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर उसे पीजीआईएमएस के निकू विभाग में दाखिल कराया गया है।
सूत्रों के अनुसार झज्जर निवासी एक महिला की 11 मई को रोहतक के एक निजी अस्पताल में सिजेरियन डिलिवरी हुई थी। उसने करीब सात माह के एक किलो 600 ग्राम के बच्चे को जन्म दिया। जन्म से बच्चे को सांस लेने में समस्या थी। इसके लिए उसे निजी अस्पताल में दाखिल किया गया, यहां से मरीज को शहर के दूसरे निजी अस्पताल में रखा गया। आराम नहीं हुआ तो नवजात की शहर की एक लैब में सीटी स्कैन जांच करवाई गई। इसमें सामने आया कि ऑपरेशन करना होगा। परिजन नवजात के कागजात लेकर दिल्ली गए तो वहां के डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने से पहले कोरोना जांच रिपोर्ट मांगी। जब उसकी जांच करवाई गई तो वह पॉजिटिव मिला। इसके बाद नवजात को पीजीआईएमएस रेफर कर दिया गया। अभी बच्चे को ऑक्सीजन पर रखा गया है। बताया जा रहा है स्वास्थ्य विभाग नवजात का उपचार करने वाले दोनों निजी अस्पताल के डॉक्टरों, स्टाफ व निजी लैब के डॉक्टर व स्टाफ का सैंपल जांच कराएगा।
झज्जर की महिला की रोहतक के निजी अस्पताल में सिजेरियन डिलिवरी हुई थी। इसके बाद बच्चा दूसरे निजी अस्पताल में दाखिल रहा है। एक माह दाखिल रहने के बाद बच्चे को कोरोना मिला है। बच्चे के माता-पिता का व कांटेक्ट में आए लोगों का सैंपल कराया जाएगा। इसके अलावा कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए टीम को लगा दिया गया है।
- डॉ अनिल बिरला, सिविल सर्जन
एक माह का कोरोना संक्रमित नवजात ट्रामा सेंटर आया था, उसे निकू विभाग में भेज दिया गया है। वह एक माह से निजी अस्पताल में भर्ती था। बच्चे की देखभाल नियोनेटाल विभाग के एक्सपर्ट डॉक्टर कर रहे हैं।
- डॉ. वरुण अरोड़ा, जनसंपर्क अधिकारी पीजीआईएमएस
नवजात को कोरोना के अलावा अन्य संक्रमणों से बचाना जरूरी : दलाल
पीजीआईएमएस के नियोनेटाल विभाग के डॉ. जगजीत दलाल ने बताया कि 30 दिन के नवजात बच्चे को हमने निकू में दाखिल किया है। अभी उसकी दिल्ली की जांच रिपोर्ट में कोरोना मिला है, इसलिए बुधवार को पीजीआईएमएस में भी सैंपल लिया गया है। मरीज के अलावा उसके पिता व साथ रह रहे एक अन्य का भी सैंपल जांच के लिए भेजा है। परिजनों ने बताया कि मां को दूध नहीं आ रहा, इसलिए वह साथ नहीं आई और वह बच्चे के संपर्क में भी नहीं है। मरीज के साथ परिजनों को रहने की अनुमति नहीं है। नवजात को कोरोना के अलावा अन्य संक्रमण से बचाना प्राथमिकता है। इसके अलावा दिल्ली से आई जांच रिपोर्ट में मेल मरीज को फीमेल लिखा गया है, इसलिए संस्थान की जांच रिपोर्ट आने के बाद कुछ कहा जा सकेगा।
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