झज्जर। सिद्ध श्री बाबा प्रसाद गिरी मंदिर का सालाना 51वां विराट संत सम्मेलन दुल्हेंडी के दिन शुरू हुआ। सुबह 5 बजे से लेकर रात 11 बजे तक बाबा की समाधी के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। पहले दिन 25 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। वहीं विराट संत सम्मेलन में हरिद्वार, काशी, अयोध्या, वृंदावन, बिहार, हिसार, पंजाब, रेवाड़ी, करनाल, बहादुरगढ़, झज्जर, महाराष्ट्र, छुड़ानी, दुजाना, सिरसा, गुरुग्राम से संत पहुंचे। संतों के रुकने के लिए अलग-अलग जगह व्यवस्था की गई थी। व्यवस्था संभालने के लिए लगभग 70 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी मंदिर के अंदर और बाहर लगाई गई थी। खुद नायब तहसीलदार कीर्ति मंदिर में काफी समय तक मौजूद रही और व्यवस्थाओं को देखा।
इस दौरान बाबा के दरबार भजन पर सभी भक्तों ने झूम नाच गाकर फूलों की होली खेली और पूरा माहौल भक्तिमय बना दिया। पंडित नरेंद्र शास्त्री ने सुन ले बृजभान की छोरी, जो मोते ना खेली होली, रंग बरसे रंग बरसे बाबा दरबार तेरे रंग बरसे भजनों पर भक्तों को खूब नचाया। परसा वाली चक्की से लेकर मंदिर प्रांगण तक लाइन में घूमते हुए धीरे-धीरे चलते हुए श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। सभी कार्यक्रम महंत परमानंद गिरि महाराज की अध्यक्षता और मृत्युंजय महाराज की देखरेख में आयोजित हुआ। वहीं मंगलवार दोपहर व शाम को भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इसमें भी काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और आए हुए संतों का आशीर्वाद लिया। वहीं निष्काम सेवादार समिति ने पूरी व्यवस्था संभाली हुई थी।
मनोकामना पूरी होने पर चढ़ाए पंखे
मंदिर में आने वाले श्रद्धालु मनोकामना मांगते हैं। जिनकी मनोकामना पूरी होती है, वह यहां पर पंखें चढ़ाते हैं। इस बार भी लगभग 250 पंखे मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालुओं ने चढ़ाए हैं। इन पंखों को बाद में जरूरतमंद बेटियों की शादी, आए हुए साधु संत, स्कूलों, धर्मशालाओं में निशुल्क दिया जाएगा। इस अवसर पर मृत्युंजय गिरी महाराज ,आलोक चैतन्य महाराज, स्वामी चैतन्य सरस्वती महाराज, पंडित नरेंद्र शास्त्री, पंडित उपेंद्र शास्त्री, चिमनलाल वर्मा, सूबे सिंह हरित, रामअवतार गहलावत, एडवोकेट पंकज शर्मा, धर्मेंद्र बसवाल, रजनीश हरित मौजूद रहे।