रोहतक। प्रधानमंत्री की सोना नहीं खरीदने की अपील का असर किसी न किसी रूप में स्वर्ण कारोबार पर देखा जा रहा है। बुधवार को दोपहर बाद तक भी ग्राहक कम रहने से स्वर्ण कारोबार बाजार सूना बना रहा।
कारोबारियों ने बताया कि महंगाई से काम मंदा हो रहा है, अब और नुकसान का डर सता रहा है। ग्राहकाें का कहना है कि अपील अपनी जगह है लेकिन शादी-भात आदि के लिए तो सोना खरीदना ही पड़ेगा। ग्राहक भी अब बाजार में कम आ रहे हैं जिस कारण कारोबारी ग्राहकों का इंतजार करते दिखे। शहर में स्वर्ण कारोबार से जुड़ी 500 से अधिक दुकानें हैं।
सोना न खरीदने की प्रधानमंत्री की अपील के बाद ज्वैलर्स में निराशा का माहौल देखा जा रहा है। इससे कारोबार पर सीधा संकट आ सकता है।
-अमित वर्मा, महासचिव, स्वर्णकार संघ रोहतक।
सोने-चांदी के दामों में भारी बढ़ाेतरी के चलते ग्राहक पहले ही कम है। ऊपर से अपील के बाद और भी ग्राहक कम हो गए हैं।
- राजेश वर्मा, ज्वैलर्स।
प्रधानमंत्री की सोना न खरीदने की अपील के बाद से ज्वैलर्स खाली बैठने को मजबूर हैं। स्वर्ण कारोबार बाजार खाली नजर आ रहा है।
- संजय वर्मा, ज्वैलर्स।
सोने के दाम पहले ही आसमान छू रहे हैं और अब इस पर एक्साइज ड्यूटी भी बढ़ गई है। इसका असर ग्राहकों पर भी पड़ना तय है।
-कार्तिक गोयल, उपभोक्ता, झज्जर रोड निवासी।
प्रधानमंत्री की अपील अपनी जगह है लेकिन हकीकत यह है कि जिस व्यक्ति को सोना-चांदी खरीदने की जरूरत होगी तो वह खरीदेगा ही।
-सागर, उपभोक्ता आजादगढ़ निवासी।
घर परिवार में शादी या भात आदि के लिए ग्राहक को सोना खरीदना पड़ेगा। समर्थ लोग ऐसा नहीं करेंगे तो समाज में मान सम्मान कम होगा।
-राजाराम, उपभोक्ता, जिंदरान निवासी।
17-स्वर्ण कारोबार बाजार में ग्राहकों का इंतजार करते ज्वैलर्स। संवाद
17-स्वर्ण कारोबार बाजार में ग्राहकों का इंतजार करते ज्वैलर्स। संवाद
17-स्वर्ण कारोबार बाजार में ग्राहकों का इंतजार करते ज्वैलर्स। संवाद
17-स्वर्ण कारोबार बाजार में ग्राहकों का इंतजार करते ज्वैलर्स। संवाद
17-स्वर्ण कारोबार बाजार में ग्राहकों का इंतजार करते ज्वैलर्स। संवाद
17-स्वर्ण कारोबार बाजार में ग्राहकों का इंतजार करते ज्वैलर्स। संवाद