जाट संस्था के चुनाव को लेकर अंदर ही अंदर चल रहा जोड़तोड़ का खेल
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जाट संस्था में चुनाव की सरगर्मी जोरों पर है। 10 जुलाई के चुनाव को लेकर कॉलेजियम सदस्यों पर दांव भी खेला जा रहा है, लेकिन इन सबके बीच अभी प्रधान पद के प्रत्याशी अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं। अंदर ही अंदर वोटों में जोड़तोड़ का खेल खेला जा रहा है। हालांकि यह तो समय ही बताएगा कि जाट संस्था का ताज किसके सिर पर सजेगा, लेकिन इस बार का चुनाव बेहद रोमांचक होने वाला है।
आजादी के दौर से लेकर आज तक जाट संस्था का गौरव कायम है। संस्था में चुनाव को लेकर पूरी जद्दोजहद चल रही है। प्रधान पद की कुर्सी पाने के लिए कई लोग सपने संजोए बैठे हैं, लेकिन अभी तक मैदान में प्रधान पद के केवल दो ही दावेदार आए हैं। दरअसल, प्रधान पद की कुर्सी के लिए प्रत्याशी अभी अंदर ही अंदर गठजोड़ में लगे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है संस्था में आपसी विवाद। इसी के चलते ही संस्था की पिछली गवर्निंग बाडी को समय से पहले भंग कर दिया गया था। सूत्रों की मानें तो इस बार का चुनाव कड़ी टक्कर वाला होगा। प्रधान पद के लिए मैदान में प्रत्याशी तो कई रहेंगे, लेकिन अब तक चल रही चर्चाओं पर यकीन करें तो अधिक प्रत्याशी होने के बाद भी चुनाव के समय केवल दो गुट ही आमने-सामने होंगे। एक गुट को हटाने के लिए प्रधान पद के कई प्रत्याशी योजनाबद्ध तरीके से एकजुट हो सकते हैं। हालांकि इस चर्चा में कितनी सच्चाई है तो यह समय ही बताएगा।
कॉलेजियम चुनाव लड़ने की थी तैयारी, वोट ही कट गया
चुनाव की इन सरगर्मियों के बीच बोहर के जय भगवान पुत्र रामपाल को तगड़ा झटका लगा है। पिछले चुनाव में कॉलेजियम सदस्य का चुनाव लड़ने वाले जय भगवान इस बार भी वार्ड-36 से चुनाव लड़ने के कमर कस रहे थे, लेकिन 19 जून को आई संशोधित वोटर लिस्ट ने उनका सपना तोड़ दिया। इसमें जय भगवान का वोट ही काट दिया गया। जय भगवान ने बताया कि 16 जून को जो लिस्ट आई थी उसमें 5726 नंबर पर उसका वोट था लेकिन तीन दिन बाद जो लिस्ट आई इसमें उसके स्थान पर जय भगवान पुत्र रामफल का नाम लिखा था। इस नाम का गांव में दूसरा व्यक्ति भी है। पीड़ित का कहना है कि वह इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करेगा।