उपद्रवियों से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। इस बार यदि हालात खराब हुए तो थाने और चौकियों की पुलिस मैदान छोड़कर नहीं भागेगी। बल्कि वहीं जमीं रहेगी, क्योंकि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर थानों और चौकियों की पुलिस को बाहरी सुरक्षा अभियान में शामिल नहीं किया गया है।
इसके पीछे कारण यह है कि थानों और चौकी में फरियादी की सुनी जा सके और पुलिस भवन और अन्य सामान को नुकसान न हो। बाहरी सुरक्षा व्यवस्था के लिए अर्द्धसैनिक बल और बाहरी पुलिस को तैनात किया गया है। एसपी शशांक आनंद ने स्पष्ट कह दिया है कि जिले के किसी भी रोड को जाम नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए अलग से टीमें बना दी गईं हैं।
जिलेभर में फ्लैग मार्च
जिले में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा रखने लिए जिला पुलिस और अर्द्धसैनिक बल ने बृहस्पतिवार को जिलेभर में फ्लैग मार्च किया। फ्लैग मार्च रोहतक से होते हुए सांपला, महम, कलानौर और लाखनमाजरा पहुंचा। इस दौरान शहरवासियों से पुलिस का सहयोग करने सहित उपद्रव से दूर रहने की अपील की गई।
शहर में पुलिस लाइन, पुराना बस स्टैंड, जींद बाईपास, हिसार बाईपास, भिवानी चुंगी, न्यू झज्जर बाईपास, दिल्ली बाईपास, आईएमटी चौक, बोहर नाका और सुखपुरा चौक पर फ्लैग मार्च किया गया। एसपी शशांक आनंद ने सुबह सभी थानों में जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए।
आईटीबीपी की कंपनी भी पहुंची
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आईटीबीपी की एक कंपनी भी शहर में भेज दी गई है। शहर में एक हजार पुलिसकर्मियों सहित अर्द्धसैनिक बल की पांच, मधुबन से पांच पुलिस बल की कंपनी, आईआरबी की एक, सुनारिया से एक, स्टेट क्र ाइम ब्रांच से एक, एचवीपीएनएल से एक और सीएसओ की एक कंपनी तैनात की गई है। 26 जगहों पर अस्थायी नाकेबंदी कर दी गई है।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी तैनात
पुलिस की ओर से लगाए गए सभी नाकों पर पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के साथ-साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं। शहर के अंदर प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन की गहनता से जांच की जाएगी।
किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
शशांक आनंद, एसपी रोहतक।