जाट आरक्षण तुरंत लागू करने और केस वापसी की मांग पर जाटों का 72 घंटे का अल्टीमेटम खत्म हो गया है। बृहस्पतिवार को जाट भवन में दिनभर चले हंगामे और तनाव के बीच जाट नेताओं ने आंदोलन को तैयार भीड़ और स्थिति को किसी तरह संभाला। अब जाट आंदोलन को शुक्रवार शाम तक टाला गया है। शुक्रवार को ही चंडीगढ़ में खाप और जाट युवा नेताओं की चीफ सेक्रेटरी के साथ बैठक होगी। इसी बैठक के बाद जाट आगामी रणनीति की घोषणा करेंगे।
वहीं, शहर में भारी पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है। पुलिस-प्रशासन के सुरक्षा के आश्वासन के बीच एमडीयू के हॉस्टल खाली होने शुरू हो गए हैं। वहीं, पूरे प्रदेश की नजर रोहतक पर टिक गई है। रोहतक में होने वाले फैसले से ही प्रदेश में आंदोलन चलेगा।
जाट आरक्षण को लेकर दिए गए 72 घंटे का अल्टीमेटम खत्म होने के बाद जाटोें में एक बार फिर सरकार के खिलाफ गुस्सा दिखा। जाट भवन में पहुंची बेकाबू भीड़ ने एकबारगी तो शुक्रवार से चक्का जाम की घोषणा कर दी। हालांकि बाद में किसी तरह खाप प्रतिनिधियों और युवा जाट नेताओं ने स्थिति को संभाल लिया। देर शाम नांदल भवन में प्रेस कांफ्रेंस की गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि शुक्रवार को चंडीगढ़ में चीफ सेक्रेटरी ने मुलाकात के लिए बुलाया है। वार्ता के बाद यदि आरक्षण ड्राफ्ट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती तो आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
बता दें, कि तीन दिन पहले जाटों ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को 72 घंटे का (बृहस्पतिवार रात 12 बजे तक) अल्टीमेटम दिया था। अल्टीमेटम के बाद भी सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं होती देख बृहस्पतिवार दोपहर जाट भवन में जाटों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जाट भवन समेत पूरे शहर में फोर्स तैनात कर दी गई। भवन में खाप नेताओं और युवाओं की बैठक का दौर चलता रहा, लेकिन आगामी आंदोलन क्या होगा इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका।
शाम चार बजे तक जाट भवन में लगभग दो हजार से अधिक संख्या में जाट समाज के लोग पहुंच चुके थे। युवा आयोजकों ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि अभी दो-तीन दिन जाट भवन या फिर सड़क के किनारे बैठकर धरने दिए जाएं। इसके बाद भी यदि सरकार नहीं सुनती तब सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। सरकार के प्रति भीड़ में गुस्सा इस कदर भरा हुआ था कि कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं था। घंटों तक चली बैठक के बाद बेकाबू भीड़ ने शुक्रवार से चक्का जाम की घोषणा कर दी और जाट भवन से बाहर निकल गई। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख खाप प्रतिनिधियों और जाट युवा नेताओं की फिर से बैठक शुरू हो गई। हालांकि काफी देर तक चली इस बैठक में भी आगामी आंदोलन को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका।
इसके बाद नांदल भवन में बंद कमरे में बैठक हुई। एसडीएम दलबीर फौगाट समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। एक घंटे बाद महम चौबीसी प्रधान तुलसी ग्रेवाल, नांदल खाप प्रधान महेंद्र सिंह नांदल, युवा जाट नेता विनीत धनखड़, नवीन मलिक और कृष्ण अहलावत ने प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने बताया कि आरक्षण के मुद्दे को लेकर शुक्रवार को चीफ सेक्रेटरी ने चंडीगढ़ में वार्ता के लिए बुलाया है। वार्ता के दौरान देखा जाएगा कि सरकार ने क्या ड्राफ्ट तैयार किया है। ड्राफ्ट देखने के बाद ही आगामी आंदोलन की रणनीति पर विचार किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो जाट हर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
महिलाएं बोली, हम रहेंगे आगे
आगामी आंदोलन की भूमिका जानने के लिए जाट भवन में महिलाएं भी पहुंचीं। एकसुर में कहा कि आरक्षण को लेकर सरकार पक्षपात कर रही है। अब पीछे नहीं हटा जाएगा। हम मर्दों से आगे होकर अपने हक की लड़ाई लड़ेंगी।