माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के केस में पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में पहली बार शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। अब अगली सुनवाई पर 14 नवंबर को न केवल बहस होगी बल्कि बचाव पक्ष की तरफ से अदालत में गवाह पेश किए जाएंगे। केस की अगले एक माह में सुनवाई पूरी हो सकती है, क्योंकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से केस की सुनवाई की समय सीमा तय की गई थी।
बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि फरवरी 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। भीड़ ने पूर्व वित्तमंत्री की रोहतक के विनय नगर स्थित कोठी में आग लगा दी। आरोप था कि घर में आग लगाने के बाद कुछ युवकों ने सामान भी लूट लिया था।
घर में मौजूद लोगों को मारने के इरादे से पेट्रोल बम फेंके। इससे कोठी में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। पहले रोहतक पुलिस ने केस दर्ज किया। बाद में सीबीआई को जांच के लिए केस सौंप दिया। वकील ने बताया कि केस में 59 आरोपी हैं। इसमें अशोक बल्हारा, राहुल दादू, मनोज दूहन, जगपाल उर्फ जग्गा व धर्मेंद्र हुड्डा सहित अन्य आरोपी भी नामजद हैं। वकील ने बताया कि केस में सीबीआई की तरफ से गवाह पेश किए जा चुके हैं।