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जाट आरक्षण आंदोलन हिंसा : सीबीआई कोर्ट में पूर्व वित्तमंत्री की कोठी जलाने की बहस पूरी, 15 दिसंबर को फैसला संभव

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माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। जाट आरक्षण आंदोलन हिंसा के दौरान भाजपा के पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में गवाही पर बहस पूरी हो गई है। अदालत ने अगली तिथि 15 दिसंबर तय कर रखी है। इसी दिन केस में कोई निर्णय आने की संभावना है, क्योंकि हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के लिए 31 दिसंबर तक की समय सीमा तय कर रखी है।
बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि सीबीआई ने पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के भतीजे रोहित राज सिंधु के बयान पर 118 नंबर एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि फरवरी 2016 में दोपहर करीब 3:30 बजे भीड़ लाठी, तलवार और पेट्रोल बम से लैस होकर दिल्ली बाईपास की तरफ से कैप्टन अभिमन्यु की कोठी की ओर आए और जबरन घर में घुस गए।
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घर के अंदर खड़े वाहनों को आग लगा दी। घर में आग लगाकर सारा सामान लूट लिया। घर में मौजूद लोगों को मारने के इरादे से पेट्रोल बम फेंके। इससे कोठी में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। इस मामले की पहले जांच पुलिस कर रही थी। बाद में सीबीआई को मामले की जांच सौंप दी गई।
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वकील ने बताया कि केस में 59 आरोपी हैं। इसमें अशोक बल्हारा, राहुल दादू, मनोज दूहन, जगपाल उर्फ जग्गा, धर्मेंद्र हुड्डा सहित अन्य शामिल हैं। हाईकोर्ट ने छह माह में केस का निपटारा करने की हिदायत दी थी। ऐसे में सीबीआई कोर्ट ने हर सप्ताह केस की सुनवाई की। मामले में दोनों तरफ से 127 गवाह पेश किए गए। इनमें चार जज, एक डीसी, दो एसपी व एक डीएसपी भी गवाह के तौर पर शामिल रहे। सीबीआई कोर्ट ने पिछली सुनवाई 28 नवंबर को की थी।
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