माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। जाट आरक्षण आंदोलन हिंसा के दौरान पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की दिल्ली बाईपास स्थित कोठी जलाने के मामले में सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) दोबारा बहस चाहती है। इसके लिए बुधवार को अदालत में सरकारी वकील के माध्यम से अर्जी दी।
अदालत ने अर्जी मंजूर करते हुए बहस के लिए 25 फरवरी की तिथि तय की है। बचाव पक्ष का कहना है कि उसी दिन अदालत से दाखिल नई अर्जी की कॉपी ली जाएगी।
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान फरवरी 2016 में पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाई गई थी। अब वारदात को 10 साल पूरे हो गए हैं। अब भी सीबीआई कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है। कोर्ट में दोनों पक्षों के बीच बहस पूरी हो चुकी है।
अदालत की तरफ से कभी भी निर्णय सुनाया जा सकता है। बुधवार को निर्णय आने की उम्मीद थी लेकिन सीबीआई ने सरकारी वकील के माध्यम से अतिरिक्त प्वाॅइंट अदालत के सामने रखे। साथ ही बहस की मांग की। अदालत ने अर्जी मंजूर करते हुए एक सप्ताह बाद बहस के तिथि तय की है।
सीबीआई की तरफ से कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने में 58 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इसमें अशोक बल्हारा, राहुल दादू, मनोज दूहन, जगपाल उर्फ जग्गा, धर्मेंद्र हुड्डा व अन्य शामिल हैं।