माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। जिला अदालत ने चार साल तक चले दुष्कर्म के केस में तीन दिन पहले सोमवार को दो आरोपियों को बरी कर दिया। क्योंकि, पुलिस अदालत में यह नहीं बता सकी कि जिस पेंट पर आरोपी का सीमन मिला, वह स्कूल ड्रेस का हिस्सा थी या नहीं।
साल 2021 में जिला पुलिस को एक नाबालिग छात्रा ने दी शिकायत में बताया कि वह सुबह स्कूल गई थी लेकिन समय पर नहीं पहुंच सकी। क्योंकि एक लड़की उसे अपने काम से साथ ले गई थी। जब दोनों जा रही थीं तो रास्ते में एक युवक ने जबरन उसे कमरे में खींच लिया।
उसने भागने का प्रयास किया लेकिन उसे फिर खींच लिया। साथ ही उसे लेकर जाने वाली लड़की व एक लड़के को कमर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उसके साथ गलत काम किया। धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देगा। पुलिस ने न केवल आरोपी को गिरफ्तार किया बल्कि उसके साथी को भी दबोच लिया था।
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गवाही बोली-नहीं हुआ गलत काम, जन्मदिन मनाने गई थी पीड़िता
अदालत में गवाही के दौरान दूसरी छात्रा ने कहा कि जब वे दोनों जा रही थीं तो रास्ते में पीड़िता ने कहा कि आज आरोपी युवक का जन्मदिन है। उसके लिए गिफ्ट खरीदते हैं। वे गिफ्ट लेकर पहुंचे और केक काटने के बाद वापस आ गए। पीड़िता के साथ किसी तरह का गलत काम नहीं हुआ।
फॉरेंसिक सबूतों में मिली गड़बड़ी, कोर्ट ने माना अहम
बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि पीड़िता ने बयान में कहा था कि वारदात के समय उसने स्कूल ड्रेस पहन रखी थी। डीएनए रिपोर्ट में बताया गया कि कब्जे में ली गई पेंट पर ही आरोपी के सीमन के निशान मिले हैं लेकिन पुलिस यह साबित नहीं कर सकी कि यह पेंट स्कूल ड्रेस का हिस्सा थी या नहीं। इससे फॉरेंसिक सबूतों पर शक पैदा होता है।
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