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जाट और वैश्य सोसायटी की कमान फिर होगी प्रशासक के पास

Sun, 12 Jul 2015 02:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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नया शैक्षणिक सत्र और विवाद पुराना। कुछ ऐसा ही चल रहा है जाट और वैश्य एजूकेशन सोसायटी में।
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विद्यार्थियों के हितों को लेकर न कोई नई योजना और न कोई नया कार्य।

हां, इतना जरूर है कि अंदरूनी कलह के चलते दोनों ही सोसायटी सुर्खियों में बनी हुई हैं। ऐसे में स्टेट रजिस्ट्रार ने दोनों सोसाइटी को नोटिस जारी कर दिया। अब ऐसे में एक बार फिर से सोसाइटी में प्रशासक नियुक्त होना तय है, बस अधिकारिक मोहर लगनी बाकी है।

जाट एजूकेशन सोसायटी
जाट सोसायटी का कार्यकाल 7 अगस्त को पूरा हो रहा है। लंबे समय से गवर्निंग बॉडी और विपक्षी खेमे के बीच खींचतान चल रही है। सोसायटी के नियमों को देखें तो गवर्निंग बॉडी को 90 दिन पहले चुनाव का शेड्यूल जारी करना होता है लेकिन, अब 20 दिन बचे हैं। ऐसे में चुनाव होने की कोई संभावना ही नहीं है। गवर्निंग बॉडी की हीलाहवाली से स्पष्ट हो चुका है कि वह चुनाव कराना नहीं चाहती। लगातार शिकायतों के बाद अब सोसायटी रजिस्ट्रार सख्त हो गए हैं। सूत्रों की मानें तो जाट एजूकेशन सोसायटी में प्रशासक नियुक्त करने को लेकर अंदर ही अंदर तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। गौरतलब है कि पूर्व में भी जाट एजूकेशन सोसायटी में कई बार प्रशासक नियुक्त हो चुका है।
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वैश्य एजूकेशन सोसायटी
वैश्य एजूकेशन सोसायटी में भी पिछले काफी समय से दोनों खेमों में विवाद चला हुआ है। हालांकि गवर्निंग बॉडी का अभी करीब डेढ़ साल का समय बाकी है। मई माह में हुई कॉलजियम बैठक का अभी कोई फैसला नहीं हुआ। एक पक्ष बैठक को वैध बता रहा है तो दूसरा अवैध। प्रधान मनमोहन गोयल के इस्तीफे को लेकर अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ है। दो दिन पूर्व भी गवर्निंग बॉडी की तरफ से बैठक बुलाई गई, लेकिन वह भी सिरे नहीं चढ़ सकी। हालांकि सेक्रेटरी दीपक गोयल ने प्रेस नोट जारी कर दावा जरूर किया था कि बैठक हुई है। सोसायटी में चल रहे विवाद केे बाद यहां पर भी संभावना जताई जा रही है कि अब किसी भी दिन प्रशासक नियुक्त हो सकता है।

पहले वैश्य और अब जाट सोसायटी को स्टेट रजिस्ट्रार ने भेजा नोटिस
वैश्य एजूकेशन सोसायटी का मामला स्टेट रजिस्ट्रार के पास लंबित है। दो दिन पूर्व स्टेट रजिस्ट्रार से सोसायटी को नोटिस जारी किया गया था, जिसमें 17 जुलाई तक जवाब मांगा गया है। रजिस्ट्रार की तरफ से जवाब मांगा गया है कि सोसायटी में नियमों के विरूद्घ कार्य किए जा रहे हैं। क्यों न इसमें प्रशासक नियुक्त कर दिया जाए। इसी तरह शनिवार को जाट एजूकेशन सोसायटी को भी नोटिस जारी किया गया। नोटिस के माध्यम से चेतावनी दी कि सोसायटी की लगातार शिकायत मिल रही है। क्यों न गवर्निंग बॉडी भंग कर प्रशासक नियुक्त कर दिया जाए। जाट सोसायटी को भी निर्धारित अवधि में जवाब देने के लिए कहा गया है।

वर्जन
दूसरे पक्ष की शिकायतों के बाद स्टेट रजिस्ट्रार की तरफ से कारण बताओ नोटिस मिला है, जिसका अभी जवाब नहीं दिया गया।
- सतीश बाबू, उप प्रधान, वैश्य एजूकेशन सोसायटी
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नियमानुसार, प्रधान या सेक्रेटरी को नोटिस रिसीव होना चाहिए था लेकिन, अभी तक हमें कोई नोटिस नहीं मिला है। गवर्निंग बॉडी किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं कर रही।
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- राममेहर सिंह हुड्डा, सचिव, जाट एजूकेशन सोसायटी
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वैश्य के बाद जाट एजूकेशन सोसायटी को भी स्टेट रजिस्ट्रार ने नोटिस जारी किया गया है। सोसायटी को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- आरएस सांकला, सोसायटी रजिस्ट्रार
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