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बेटी बचाओ अभियान को मुहं चिढ़ा रहे जिले के 29 गांव

Sat, 11 Jul 2015 02:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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जिले के 29 गांव में बिगड़ा लिंगानुपात स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बना है।
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यहां का लिंगानुपात वर्ष 2014 में 400 से 700 प्रति हजार ही दर्ज किया गया।

अब इस आंकडे़ को सुधारने के लिए स्वास्थ्य जांच अधिकारियों ने इन गांवों पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है।

पूरे जिले के अल्ट्रासाउंड सेंटरों को जांच टीम बार-बार खंगाल भी रही हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे गांवों की एएनएम से रिपोर्ट मांगी है।

गांव                  लिंगानुपात
शिमली               400
मुंगाण                428.57
नौनंद                 450
गंगानगर              500
ककराना              500
कारौर                 500
धामड़                519.23
हसनगढ़              531.91
गिझी                 555.56
खरेंटी                571.43
चांदी                 575
भाली                 576.92
समर गोपाल पुर      588.24
जिंदरान               600
सिंहपुरा खुर्द          602.74
पाकस्मा              608.70
मदीना खुर्द           610.17
सिंहपुरा खुर्द          625
पौलंगी                642.86
अजायब              660
सुखपुरा               676.77
माड़ौदी               684.21
मकड़ौली खुर्द        689.66
निंदाना                692.31
सांघी                 693.18
इंद्रगढ़                696.97
सुंदरपुर               696.97
बलियाणा             700
भैसरू कलां          700

यहां हालत हुई बदतर
2014 में कुछ गांवों का लिंगानुपात 400 तक था। लेकिन 2015 के जून माह के रिकार्ड के अनुसार इस्माइला 9 में 200, बहलभा में 333, चमारिया में 318, कुताना में 357 व बहलम में 346 का लिंगानुपात आया है।
दलालों की होगी धरपकड़
  डिप्टी सिविल सर्जन डॉॅ. कुलदीप ने बताया कि लिंगानुपात की समस्या पर स्वास्थ्य विभाग कोई ढिलाई नहीं बरतेगा। यह गंभीर चिंता का विषय है। इतनी सख्ती के बावजूद यह स्थिति कैसे है, यह जांच का विषय है। इस पर नजर रखने के लिए विशेष रूप से तैयारी की जा रही है। जिले में पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लिंग जांच होने की संभावना काफी कम है। विभागीय सूत्रों के अनुसार स्थानीय लोगों ने दिल्ली व बाहर जा कर लिंग जांच करवानी शुरू कर दी है। इसके लिए बाकायदा गांव में इन लैब संचालकों के दलाल मौजूद रहते हैं। विभाग इनकी धरपकड़ की पूरी तैयारी कर रहा है।
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बेटियों को बचाने में नहीं छोडे़ंगे कोई कसर : विज
 सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा है कि बेटियों को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। एक भी बेटी को अब मरने नहीं दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के आडे़ यदि कोई समस्या आती है तो वे मुझे बताएं, इसमें संलिप्त लोगों को किसी प्रकार से छूट नहीं दी जाएगी। निजी व सरकारी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सख्ती ऐसे ही जारी रहेगी, इसमें ढिलाई कम करने की बजाए मौजूदा आंकड़ों को देखते हुए और सख्ती करने की जरूरत है। रोहतक के उपायुक्त को भी इस संबंध में सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।
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