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जाट न्याय धरना : जसिया पहुंचे विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा, बोले ः राजनीति नहीं भाईचारा निभाने आया हूं

Fri, 03 Feb 2017 02:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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धरने पर पहुंचे दूसरे समाज के युवा, जाट आरक्षण संघर्ष कमेटी उत्साहित - फोटो : amar ujala
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जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर कांग्रेस खुलकर समर्थन में उतर आई है। धरने के पांचवें दिन बरौदा से कांग्रेस के विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा व पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के ओएसडी रहे रवींद्र हुड्डा उर्फ बबल धरना स्थल पर पहुंचे और शांतिपूर्ण धरने को समर्थन दिया। साथ में कहा कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व सांसद दीपेंद्र हुड्डा पहले ही जाट आरक्षण को अपना समर्थन दे चुके हैं। वे भी समाज की आवाज विधानसभा में उठाएंगे। इसके साथ ही धरने पर दूसरे समाज के वक्ताओं के पहुंचने से जाट आरक्षण संघर्ष समिति उत्साहित नजर आई। इसी बीच जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रभारी अशोक बल्हारा ने कांग्रेस विधायक के संबोधन के बाद कहा कि, नेताओं को जाट समाज की आवाज विधानसभा में भी उठानी चाहिए। भाजपा सरकार को विधानसभा में चेताया जाए कि जाट समाज को आरक्षण को लेकर धोखे में न रखा जाए।
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तीन दिन पहले जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, इनेलो नेता अभय चौटाला, सांसद दुष्यंत चौटाला, महम से कांग्रेस विधायक आनंद सिंह दांगी, बरौदा विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा और जिला परिषद चेयरमैन व भाजपा नेता बलराज कुंडू को पत्र लिखकर समर्थन मांगा था। साथ में धरने पर आने का आग्रह किया था। मंच से कांग्रेस विधायक ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन चलाएं। शरारती तत्वों से सावधान रहें। वे नेता के तौर पर नहीं, बल्कि भाईचारे की मदद करने आए हैं।कांग्रेस विधायक ने कहा कि पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के साथ वे भी जाट समाज की आवाज विधानसभा में उठाएंगे।   


बबल ने नहीं संभाला माइक, 30 मिनट बाद लौटे विधायक

धरना स्थल पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के ओएसडी रहे रवींद्र हुड्डा उर्फ बबल ने मंच संभालकर धरने को संबोधित नहीं किया। साथ ही कांग्रेस विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा भी 30 मिनट बाद वापस लौट गए।
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दूसरे समाज के भी लोग पहुंचे

धरने की आयोजन जाट आरक्षण संघर्ष कमेटी वीरवार को उत्साहित नजर आई। क्योंकि किलोई गांव से पंडित राजगुरु, रुड़की से कृष्ण जांगड़ा व रघबीर, धामड़ से महेंद्र, सांघी से सतीश ठाकुर व गुरुग्राम से प्रदीप पाराशर ने पहुंच कर न केवल समर्थन दिया, बल्कि धरने को संबोधित भी किया। उत्साहित जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रभारी अशोक बल्हारा ने कहा कि जाट समाज की मांग जायजा हैं। यही कारण है कि 36 बिरादरी के लोग उन्हें समर्थन देने आ रहे हैं।


पंचायत नहीं होगी, गोवंश को गोशाला में छोड़ आओ

धरना स्थल पर दोपहर बाद जसिया गांव की ओर से घोषणा की कि लावारिस पशु फसल खराब कर रहे हैं। ऐसे में गांव के अंदर पंचायत होगी, जिसमें गोवंश को रोहतक के अंदर गोशाला में छोड़कर आने का फैसला होगा। इस पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने साफ किया कि पहले जाट आरक्षण आंदोलन कामयाब होने दो। फिर पंचायत होनी चाहिए। क्योंकि पहले समाज की बात की जाए।

...ताऊ की आज तै फड़क लिकडगी

धरना स्थल पर उस समय माहौल उस समय बदल गया, जब धामड़ गांव से आए ताऊ रामा ने मंच से रागिनी की जिद्द की। 10 मिनट ताऊ ने शहीद भगत सिंह व उधम सिंह पर आधारित रागिनी सुनाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया। इसके बाद ताऊ बोल्या, आगै कौनी सुणा सक्दा, दम लिकड ज्यागा। तभी मंच संचालन कर रहे पवन जसिया ने कहा कि ताऊ नै तीन दिन तै रागिनी सुणाण खातर नाक मै दम कर राख्या था आज तै ताऊ की फड़क काढणी सै। यह सुनकर धरने पर पहुंचे लोग हंसने लगे, लेकिन ताऊ की हिम्मत जवाब दे चुकी थी। वे जबरदस्ती मंच से नीचे उतर आए।

धरने को समर्थन देने कैथल से पहुंचे

दोपहर एक दर्जन युवाओं का काफिला राजेश ढल के नेतृत्व में जसिया गांव में धरने को समर्थन देने पहुंचा। मंच से धरने को संबोधित करते हुए कैथल के युवा राजेश ढल ने कहा कि आरक्षण उनका हक है, जिसे सरकार को देना चाहिए।

जम्मू में लगाओ रासुका

धरना स्थल पर पहुुंचे सुंदर प्रधान घिलौड़ कलां ने कहा कि आंदोलनकारियों को रासुका की धमकी दी जा रही है। जम्मू व कश्मीर में न केवल देश के झंडे जलाए जा रहे हैं, बल्कि सरेआम राष्ट्र विरोधी प्रदर्शन होते हैं। हिम्मत है तो वहां पर रासुका लगाएं। जाट समाज तो शांतिपूर्ण ढंग से अपने हक के लिए लड़ रहा है।

पर्चे बांट रहे युवाओं को वापस लौटाया

दोपहर करीब एक बजे एक दर्जन युवा धरना स्थल पर पहुंचे और धरना स्थल पर पर्चे बांटने लगे। तभी धरना संचालन कमेटी ने पर्चों को जब्त कर वापस लौटा दिया। कहा, धरना शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। इसे प्रभावित न करें।

झज्जर की गायिका भी धरने पर

उधर, झज्जर से हरियाणवी गायिका पूजा बुधवार शाम करीब पांच बजे धरना स्थल पर पहुंची और रागिनियों के माध्यम से जाट समाज के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। हालांकि उस समय ज्यादातर लोग घर लौट चुके थे।

धरना स्थल पर दूसरे दिन भी बंद रहा इंटरनेट

वहीं, जाट आरक्षण को लेकर दिए जा रहे धरने पर वीरवार को भी इंटरनेट सेवाएं बाधित रहीं। धरना स्थल से दो से तीन किलोमीटर के दायरे में नेट काम नहीं कर रहा है। हालांकि नेट बंद करने की प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है। रोहतक की तरफ टोल प्लाजा के नजदीक आकर इंटरनेट काम करता है। बुधवार को भी इंटरनेट प्रभावित रहा था।
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