जाट समाज अब हिंसा में मारे गए लोगों के लिए सरकार की तरफ से मिलने वाली आर्थिक मदद नहीं लेगा। मृतकों के प्रति सरकार की अनदेखी के चलते शुक्रवार को जाट भवन में हुई जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पिछले दिनों हुई हिंसा में मारे गए लोगों के प्रति सरकार गंभीर नहीं है। प्रदेश के सीएम ने भी विधानसभा में यह कहा है कि पुलिस और सेना की गोली से मारे गए लोगों को कोई सरकारी सहायता नहीं दी जाएगी।
जाट समाज इस बयान की निंदा करता है। जाट किसी का हक नहीं छीन रहे, बल्कि अपना अधिकार मांग रहे हैं। इस दौरान फैसला हुआ कि अभी तक सरकार अनदेखी कर रही थी, लेकिन अब जाट समाज कोई मदद नहीं लेगा। यदि सरकार की तरफ से कोई आर्थिक मदद मिलती है तो भी उसे वापस लौटा दिया जाएगा। इस मौके पर समिति सचिव कृष्ण लाल हुड्डा, हरि सिंह, दीपक जाटाण, बिजेंद्र, विजयदीप, नवीन, वीरेंद्र हुड्डा, धर्मजीत और जुगनू मौजूद रहे।
धर्म परिवर्तन करने वालों के समर्थन में जाट महासभा
बहादुरगढ़ में कई परिवारों के धर्म परिवर्तन करने की चेतावनी को लेकर अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा ने समर्थन दिया है। राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक राठी ने शुक्रवार को प्रेस नोट जारी कर बताया कि जाट आरक्षण आंदोलन को दबाने के लिए सरकार अमानवीय तरीके अपना रही है। पुलिस ने निर्दोष लोगों को गिरफ्तार किया है। इससे आहत होकर ही लोग धर्म परिवर्तन करने पर मजबूर हैं। महासभा इन लोगों का पूरा समर्थन करती है।