13 दिन में 17 पेज की चार्जशीट की आपत्तियां दूर नहीं कर सकी एसआईटी
एसआईटी प्रमुख डीएसपी गुलाब सिंह व अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी नीरज कुमार के हस्ताक्षर युक्त 17 पेज की चार्जशीट 22 नवंबर को तैयार हो गई थी। इसे जांच के लिए कानूनी विशेषज्ञों के पास ले जाया गया। एक्सपर्ट ने कुछ कमियां बताईं और उन्हें दूर करने के लिए कहा। जांच टीम 13 दिन में कमियां दूर कराकर 5 दिसंबर तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी, जबकि टीम को पता था कि ऐसा न होने से आरोपी को जमानत मिल सकती है। जमानत का यही कानूनी आधार भी है।
कुछ सवालों के जवाब ढूंढने बाकीः एसपी
मंथली मांगने के मामले में आरोपी गनमैन सुशील के खिलाफ अभी जांच जारी है। कुछ सवालों के जवाब अभी आने शेष हैं। इसी कारण दो माह के अंदर चार्जशीट दाखिल नहीं हो सकी है। चार्जशीट के कमजोर बिंदुओं की पहचान करके उन्हें दूर भी कराया जा रहा है। - सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी रोहतक