रोहतक। जिला उपभोक्ता आयोग ने एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह कार मालिक अंजलि को 5.49 लाख रुपये नौ फीसदी ब्याज समेत चुकाए। बीमा कंपनी यह नहीं सिद्ध कर सकी कि क्लेम के लिए कार का पिछला हिस्सा मालिक ने ही हथौड़े से तोड़ा था।
सिंहपुरा कलां निवासी अंजलि ने 2019 में आयोग को दी अर्जी में बताया था कि उन्होंने 2018-19 के लिए एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस से कार का बीमा कराया था। 28 फरवरी 2019 की शाम करीब सात बजे वह लाखनमाजरा से सिंहपुरा कलां की तरफ कार से जा रही थीं कि सामने से ट्रक आ गया।
ट्रक चालक ने हाई इंटेंसिटी बीम लाइट जलाकर गलत मोड़ ले लिया। इससे उनकी कार का संतुलन बिगड़ गया और कार खाई में गिरकर पलट गई। इसमें उन्हें चोटें आईं और पीजीआई में इलाज कराना पड़ा। कार क्षतिग्रस्त होने की जानकारी बीमा कंपनी को दे दी।
सर्वेयर व इंश्योरेंस ऑफिसर ने क्षति के बदले 6.11 लाख रुपये क्लेम देने को कहा लेकिन बीमा कंपनी ने नहीं दिया। पीड़ित ने आयोग से 6.11 लाख रुपये क्लेम, 18 प्रतिशत सालाना ब्याज, सेवा में कमी के बदले एक लाख और 11,000 रुपये कानूनी खर्च दिलाने की मांग की।
बीमा कंपनी ने आयोग में कहा कि कार पलटने के बावजूद पिछला हिस्सा व शीशा नहीं टूटा था। इसे हथौड़े से तोड़ा गया ताकि कार का टोटल लॉस दिखाया जा सके। सवाल उठाया कि कार पलटने के बावजूद चालक को फ्रैक्चर तक नहीं आया। इसी आधार पर क्लेम खारिज कर दिया था।
हालांकि, आयोग के समक्ष वह अपने दावे को सिद्ध नहीं कर पाई। आयोग ने फैसले में कहा भी कि बीमा कंपनी यह साबित करने में नाकाम रही कि गाड़ी जानबूझकर नष्ट की गई है। आयोग ने बीमा कंपनी को 5.49 लाख रुपये क्लेम सहित नौ फीसदी ब्याज चुकाने का आदेश दिया है।