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इंश्योरेंस कंपनी 69.75 लाख दे मुआवजा, पैर नहीं कटता तो हर माह 24 हजार रुपये कमाता युवक

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चार साल पहले दिल्ली बाईपास से शीला बाईपास की तरफ जाते समय सड़क हादसे में पैर गंवाने वाले सुभाष नगर निवासी कार्तिकेय को इंश्योरेंस कंपनी 69 लाख 75 हजार रुपये एक माह के अंदर 7 प्रतिशत ब्याज के साथ मुआवजा दे। नहीं तो एक माह बाद ब्याज की राशि 8 प्रतिशत के हिसाब से तय होगी। एडीजे राजकुमार यादव की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
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याचिकाकर्ता के वकील एनके सिंघल ने बताया कि सुभाष नगर निवासी 27 वर्षीय कार्तिकेय फौगाट ठेकेदारी का काम करता था। 2017 में वह अपने दोस्त के साथ कार में सवार होकर दिल्ली बाईपास से शीला बाईपास की तरफ जा रहा था। रास्ते में सड़क निर्माण कार्य चल रहा था। इसी बीच एक ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। टक्कर से कार की खिड़की खुल गई और कार्तिकेय नीचे जा गिरा। इस दौरान ट्रक से उसका पैर कुचल गया। डॉक्टरों को उपचार के दौरान उसका पैर काटना पड़ा। इस तरह घायल युवक 80 प्रतिशत दिव्यांग हो गया। उसने जिला अदालत में 2018 में याचिका दायर करके मुआवजे की मांग की। इसके लिए ट्रक ड्राइवर, ट्रक मालिक व इंश्योरेंस कंपनी को पार्टी बनाया। तभी से जिला अदालत में मामले की सुनवाई चल रही थी। अदालत को बताया गया कि सड़क हादसे से पहले हर माह कार्तिकेय 24 हजार रुपये से ज्यादा पैसे कमाता था। उसी हिसाब से उसे मुआवजा दिया जाए। अदालत ने याचिका मंजूर करते हुए निर्देश दिए हैं कि युवक को 69 लाख 75 हजार रुपये का मुआवजा ब्याज सहित दिया जाए।
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