नेकीराम कॉलेज में छात्र हत्याकांड को लेकर इनेलो और इनसो कार्यकर्ता सोमवार को सड़क पर उतरकर गए। हिसार सांसद दुष्यंत चौटाला की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में लघु सचिवालय में घुसकर डेरा डाल दिया। चार घंटे चले प्रदर्शन के बाद एसपी ने मौके पर पहुंचकर पांच सूत्रीय ज्ञापन लिया। अल्टीमेटम दिया गया यदि 1 नवंबर तक मांगें नहीं मानी गई तो फिर लघु सचिवालय में ही रैली कर होगी। कार्यकर्ता यहां गाड़ियां लेकर घुसे और सरेआम धारा 144 की धज्जियां उड़ाई गईं, लेकिन देरशाम तक किसी के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया गया।
बता दें कि एक नवंबर को रोहतक में गोहाना रोड पर इनेलो की रैली होनी है। पूर्व घोषणा के अनुसार सांसद दुष्यंत चौटाला, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. केसी बांगर और जिला प्रधान सतीश नांदल के नेतृत्व में सुबह 10 बजे सभी कार्यकर्ता छोटूराम चौक पर इकट्ठा हुए। एक घंटा वहां रुकने के बाद पुलिस के घेरे में सभी कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय की तरफ चल दिए। भीड़ को देखकर पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। सचिवालय के चारों तरफ के गेट बंद कर दिए, लेकिन भीड़ कोर्ट की तरफ वाले गेट से लघु सचिवालय में जा घुसी।
डीएसपी नए नवेले हैं, इसलिए जोश ज्यादा
सांसद ने कहा कि सरकार के इशारे पर डीएसपी अमित भाटिया ने नेकीराम कॉलेज के बाहर कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कराया और जातिसूचक शब्द कहे। डीसएपी नए नवेले हैं, इसलिए ज्यादा जोश में आए हुए हैं। वो शायद नहीं जानते कि न्याय मांगना अपराध नहीं है। कार्यकर्ता डीसी को बुलाकर ज्ञापन देने की जिद पर अड़े रहे, लेकिन डीसी की गैर मौजूदगी में दोपहर दो बजे एसपी शशांक आनंद मौके पर पहुंचे।
एसपी ने आश्वासन दिया कि निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। इस मौके पर धर्मपाल मकड़ौली, बलवान सुहाग, इनसो के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप नारा, प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल, जिला कार्यकारिणी सदस्य सरोज चौधरी, महंत सतीश दास, सरिता नारायण, डॉ. दीपक भारद्वाज, कृष्ण कौशिक, शीला, मीना मकड़ौली, उमेश, सुशील, सतीश राठी, मोहित साहू और डॉ. प्रेम हुड्डा मौजूद रहे।
ये हैं मांगें
- इनसो प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल समेत 17 कार्यकर्ताओं पर हुए मुकदमे वापस हो।
- डीएसपी अमित भाटिया के खिलाफ जांच शुरू कर सस्पेंड किया जाए।
- पुलिस बल द्वारा किए गए लाठीचार्ज पर जिला प्रशासन खेद प्रकट करे।
- मृतक छात्र अनिल के परिवार के एक सदस्य को नौकरी और 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाए।
- कानून व्यवस्था को मजबूत कर शैक्षणिक संस्थाओं में सुरक्षा के बंदोबस्त किए जाए।
गाड़ियों समेत घुसे कार्यकर्ता
दो दिन पहले ही जिला प्रशासन की ओर से लघु सचिवालय के 500 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू की गई थी। बावजूद इसके इनेलो और इनसो कार्यकर्ता गाड़ियों समेत नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय परिसर में घुस गए।
मूकदर्शक बनी रही पुलिस: रविवार रात ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर कांस्टेबल स्तर तक की ड्यूटी अलग-अलग जगह पर लगा दी गई थी। लेकिन कार्यकर्ताओं के आगे सबने हथियार डाल दिए। सैकड़ों कार्यकर्ता में से कोई गेट से तो कोई दीवार फांदकर सचिवालय में घुसा तो पुलिस मूक दर्शक बनी रही। जबकि तीन डीएसपी और कई
इंस्पेक्टर सैकड़ों पुलिसकर्मियों के साथ तैनात थे।
डीएसपी भाटिया के खिलाफ जांच: इनेलो सांसद की मांग पर एसपी शशांक आनंद ने कॉलेज के बाहर लाठीचार्ज मामले में डीएसपी अमित भाटिया के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। जांच एसपी के नेतृत्व की जाएगी। घटना के लिए दिन की वीडियो फुटेज से तय किया जाएगा कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया या नहीं। सोमवार को एसपी के नेतृत्व में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। बता दें कि एमडीयू में बामसेफ कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज की जांच डीएसपी
अमित भाटिया को सौंपी गई थी, लेकिन आज तक जांच रिपोर्ट नहीं सामने आई।
पल-पल बदली स्थिति:
प्रदर्शन के समय कई बार हालात काबू से बाहर होते दिखाई दिए। कार्यकर्ताओं के लघु सचिवालय में घुसने पर एक बार तो पुलिस ने मोर्चा संभाला, लेकिन बाद में जवान पीछे हट गए। करीब एक बजे कार्यकर्ताओं ने फिर से चेतावनी दी कि यदि प्रशासनिक अधिकारी बाहर नहीं आते तो हम अंदर घुसेंगे। फिर से पुलिस हरकत में आई और सचिवालय की बिल्डिंग में जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए। हालांकि चार घंटे तक चले
प्रदर्शन शांतिपूर्वक खत्म हो गया।
आखिर में पलट गए कार्यकर्ता:
शुरुआत में सांसद ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन चलेगा और रात तक रुकेंगे। लेकिन तीन घंटे बाद सांसद ने ही घोषणा की कि हम एक नवंबर तक का अल्टीमेटम देते हैं।
पीएम-सीएम के खिलाफ अशोभनीय नारे:
जुलूस के दौरान पीएम मोदी और सीएम खट्टर के खिलाफ खूब अशोभनीय नारे भी लगाए गए। लघु सचिवालय में प्रशासन के सामने मुर्दाबाद के नारे लगते रहे।