नेशनल स्कूल हॉकी स्पोर्ट्स चैंपियनशिप के दूसरे दिन ओवरएज खिलाड़ियों के खेलने का मामला सामने आया। जिसकी प्रोटेस्ट कमेटी द्वारा जांच भी शुरू कर दी गई है। सोमवार को राजीव गांधी खेल परिसर में लड़कों का तीसरा मैच शुरू हुआ, जो कि ओडिसा और गुजरात टीम के बीच खेला गया। इसमें ओडिसा की टीम एक के बाद एक गोल दाग रही थी तो गुजरात के खिलाड़ी एक भी गोल नहीं मार पा रहे थे। आखिर में इस लीग मैच में ओडिसा ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को 19-0 से मात दी। मैच के बाद जब विजेता टीम खुशी मना रही थी तो गुजरात ने प्रोटेस्ट कर दिया। उन्हाेंने ओडिसा के खिलाड़ियों पर उम्र में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया। गुजरात टीम की ओर से खिलाड़ियों की उम्र पर एतराज जताने के बाद मैच के फैसले पर रोक लगा दी गई। टीम ने कहा कि ओडिसा के खिलाड़ियों की उम्र 14 साल नहीं है। इन्होंने झूठे जन्म प्रमाण पत्र दिए हैं। वहीं, देर शाम प्रोटेस्ट कमेटी ने दोनों टीमों के कोच व इंचार्ज को बातचीत के लिए बुलाया।
वहीं, एमडीएन पब्लिक स्कूल और दिल्ली पब्लिक स्कूल में भी सुबह सात बजे मैच शुरू हुए, जो कि शाम छह बजे तक चले। दिनभर चले लड़के और लड़कियों के मैच में उन खिलाड़ियों को खेलने में सबसे ज्यादा दिक्कत आई, जिन्होंने एस्ट्रोटर्फ पर अभ्यास किया था और उन्हें मैदान में खिलाया जा रहा था। यही परेशानी खेल मैदान में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को भी आई। वे एस्ट्रोटर्फ पर गेंद को अच्छे से मार नहीं पा रहे थे। चारों खेल मैदानों पर चैंपियनशिप के दूसरे दिन करीब 35 खिलाड़ी चोटिल हुए। जिनमें से ज्यादातर को तो पैर-हाथ में हल्की चोटें आई। साथ ही कुछ खिलाड़ियों के माथे और आंख के नीचे चोटें आईं, लेकिन इन्हें चिकित्सकों द्वारा तुरंत संभाल किया गया।
सीबीएसई की कोच टीम को ले गई घर, ज्वाइंट डायरेक्टर ने जताई आपत्ति
लंच के दौरान जब ज्वाइंट डायरेक्टर आरपी सहरावत सभी टीमों के खाने के बारे में पूछ रहे थे तब सीबीएसई के लड़कों की टीम के कोच ने कहा कि लड़कियों की टीम नहीं है। उनकी कोच सभी को अपने घर ले गई हैं। इस पर सहरावत ने आपत्ति जताई कि जब सभी टीमों को एकमोडेशन दिया गया है तो वे इस तरह से कैसे लेकर गई हैं। इस बीच महिला कोच से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका नंबर नहीं मिल रहा था। ज्वाइंट डायरेक्टर ने कहा कि सभी राज्यों की टीमें अपनी जगहों पर हैं, उन्हें भी यहीं होना चाहिए। लड़कों के टीम इंचार्ज ने कहा कि ये सभी खिलाड़ी दिल्ली, बहादुरगढ़ और रोहतक के ही हैं। सभी खिलाड़ियों को उनके अभिभावक अपने वाहनों में लेकर आते हैं और चले जाते हैं। इसके बाद सहरावत ने टीम आयोजकों से इस पूरे मामले में बातकर उन्हें बताने के लिए कहा।
कर्नाटक खिलाड़ी के आंख तो एमपी के माथे पर आई चोट
राजीव गांधी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में दोनों एस्ट्रोटर्फ पर लड़के और लड़कियों के बीच दिनभर मैच खेले गए। चिकित्सक ने बताया कि दोपहर 3 बजे के बाद जो मैच शुरू हुए, उनमें सबसे ज्यादा खिलाड़ियों को चोटें आई हैं। इसमें से अधिकतर खिलाड़ियों को पैर, हाथ, नाखून आदि पर हॉकी व गेंद लगने से चोटें आईं। उन्होंने बताया कि राजस्थान के खिलाड़ी के माथे पर चोट आई। सुबह कर्नाटक के तीन खिलाड़ियों को चोटें आईं। इसमें से एक खिलाड़ी के आंख के नीचे गेंद लगी और उस पर सूजन आ गई। इसी तरह आईपीएससी के प्रिंस के माथे पर गेंद लगने से चोट आई और खून बहने लगा। खिलाड़ी को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा दी गई। महाराष्ट्र टीम के कुणाल, सूरज व अथर्व को भी पैरों में चोट लगीं। वहीं, लंच के बाद शुरू हुए यूपी और पश्चिमी बंगाल की लड़कियों के मैच में शुरू के दो-तीन मिनट बाद ही गोल करते वक्त पश्चिमी बंगाल की खिलाड़ी को हॉकी लग गई जिससे उसे तुरंत ही मैदान से बाहर जाना पड़ा।
निजी स्कूल प्रबंधन का पूरा सहयोग, खिलाड़ी खुश
नेशनल हॉकी चैंपियनशिप एमडीएन पब्लिक स्कूल और दिल्ली पब्लिक स्कूल के खेेल मैदानों पर भी चल रहे हैं। इसमें डीपीएस में केवल लड़कियों के ही मैच हो रहे हैं, जबकि एमडीएन व राजीव गांधी खेल परिसर में लड़के-लड़कियों के मैच चल रहे हैं। दोनों खेल मैदानों पर निजी स्कूल प्रबंधन के सहयोग से बाहरी राज्यों के खिलाड़ी व कोच काफी खुश नजर आए।
मेडिकल कमेटी करेगी खिलाड़ियों की उम्र की जांच
सुबह गुजरात और उड़ीसा के बीच मैच हुआ। मैच खत्म होने के बाद गुजरात टीम ने अपने प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाड़ियों की उम्र पर आपत्ति जताई। मंगलवार को सीएमओ को पत्र लिखा जाएगा। इसके बाद मेडिकल कमेटी बनाई जाएगी, जो इस मामले की जांच करेगी। एसजीआईएफ के सख्त निर्देश हैं कि जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर ही खिलाड़ियों को खेलने दिया जाएगा। खिलाड़ियाें के दस्तावेेज तो ठीक हैं पर उनकी मेडिकल जांच करवाई जाएगी।
- यशवीर सिंह, एईओ, रोहतक।
दूसरे दिन भी छाए रहे हरियाणा के छोरे और छोरियां
नेशनल स्कूल हॉकी स्पोर्ट्स चैंपियनशिप के दूसरे दिन भी हरियाणा के छोरों और छोरियाें का दबदबा रहा। लड़कों में हरियाणा का मैच बिहार के साथ हुआ। जिसमें प्रदेश के छोरों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 7-0 से अपनी प्रतिद्वंद्वी टीम को मात दी। वहीं, लड़कियों का मैच झारखंड के साथ हुआ। इसमें भी हरियाणा की टीम ने 1-0 से झारखंड को हराया।
दिल्ली और उत्तरप्रदेश की बेटियों का शानदार प्रदर्शन
अंडर-14 में सोमवार को जितने भी लीग मैच हुए उसमें दिल्ली और उत्तरप्रदेश की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने स्कोर को टॉप पर रखा। इसमें दिल्ली ने तमिलनाडु की टीम को 12-0 से तो उत्तरप्रदेश की टीम ने पश्चिम बंगाल को 10-0 से मात दी। वहीं, दिल्ली ने कर्नाटक से 4-1 से जीत हासिल की। तेलंगाना ने महाराष्ट्र को 2-0 के अंतर से तो हिमाचल ने आंध्रप्रदेश को 5-0 के अंतर से हराया। इसी में पंजाब ने विद्या भारती की टीम को 6-0, ओडिसा ने मणिपुर को 7-0, मध्यप्रदेश ने छत्तीसगढ़ को 3-1, तेलंगाना ने आईपीएससी को 2-0 से मात दी।
महाराष्ट्र व गुजरात के बीच हुआ ड्रा
दूसरी ओर, जब लड़कों के मैच शुरू हुए तो कोई भी टीम 10 से ज्यादा गोल नहीं कर पाई। हालांकि, महाराष्ट्र और गुजरात टीम के बीच मैच ड्रा रहा। दोनों टीमों ने 1-1 स्कोर मिला। वहीं, छत्तीसगढ़ ने जम्मू कश्मीर को 10-0 से मात दी। पंजाब ने कर्नाटक की टीम को 9-0 के अंतर से हराया। उत्तराखंड ने आंध्रप्रदेश को 7-0, चंडीगढ़ ने विद्या भारती को 6-0, दिल्ली ने सीबीएसई ऑर्ग्रेनाइजेशन को 3-0, झारखंड ने छत्तीसगढ़ को 5-1, उत्तरप्रदेश ने आईपीएससी को 9-1, राजस्थान ने तेलंगाना को 9-0 से हराया।
आज दोपहर बाद होंगे नॉक आउट मैच
मंगलवार को दोपहर में लंच के बाद लड़के और लड़कियों के नॉक आउट मैच होंगे। इससे पहले चारों मैदानों पर सभी राज्यों के खिलाड़ियों के बीच लीग मैच खेले जाएंगे।