रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में गुरुवार को भारतीय पारंपरिक ज्ञान के संप्रेषण एवं प्रसार विषय पर राष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यशाला हुई। इसमें 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
स्टडीज एंड कंजर्वेशन ऑर्गेनाइजेशन देहरादून के संस्थापक डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि आज के विकास का मार्गदर्शक तत्व है। उन्होंने कहा कि ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इसे शिक्षण संस्थानों से जोड़ना होगा।
भारत की परंपराएं प्रकृति और विज्ञान के अद्भुत समन्वय की प्रतीक हैं। प्रकृति से जुड़ाव ही सच्चे अर्थों में समृद्धि का मार्ग है। एमडीयू स्वयं भारतीय परंपरा और आधुनिक शिक्षा का जीवंत उदाहरण है।
कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर कार्यक्रम में शामिल हुए। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा समावेशी व सतत विकास की भावना को सशक्त करती है। संवाद