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चीन को जवाब देने में सक्षम है भारत : दुष्यंत सिंह

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फोटो04सीटीके35 रक्षा एवं सामरिक अध्ययन विभाग में कार्याशाला में मौजूद छात्र। स्रोत एमडीयू
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राेहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के रक्षा एवं सामरिक अध्ययन विभाग एवं राजनीतिक विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दक्षिण एशिया में बदलते भू-सामरिक आयाम व भारत की सुरक्षा पर इसके प्रभाव विषय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के प्रारंभ में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सेवा सिंह दहिया ने कार्यशाला के बारे में जानकारी दी।
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लेफ्टिनेंट जनरल दुष्यंत सिंह ने विश्व में दक्षिण एशिया के आर्थिक भौगोलिक व सामरिक महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिसमें चीन स्ट्रिंग आफ पर्ल पॉलिसी के तहत अपना प्रभाव बढ़ा रहा हैं। भारत अपनी नेकलेस ऑफ डायमंड पॉलिसी के तहत चीन को जवाब देने में सक्षम है।
मेजर जनरल एसबी अस्थाना ने बताया कि हमें अपनी समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना चाहिए, ताकि हम अपने व्यापार को मजबूत कर सकें। आज दक्षिण एशिया में आतंकवाद जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही है, जो भारत की सुरक्षा को प्रभावित कर रही है। चीन दक्षिण एशिया में अपनी आर्थिक नीतियों से विभिन्न देशों को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने भारत को चीन से मुकाबला करने के लिए कुछ क्षेत्रिय संगठनों जैसे क्वॉड आदि के महत्व के बारे में बताया। इस अवसर पर डॉ. प्रताप सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. ममता, डॉ. ज्योति, डॉ. निशा, डॉ. योगेश बाजवान, डॉ.नवीन कुमार. डॉ. अरुणा. डॉ. एसएस चाहर, डॉ. अमित कुमार, ब्रिगेडियर हरवीर सिंह, रक्षा एवं सामरिक अध्ययन विभाग एवं राजनीतिक विज्ञान विभाग के सभी विद्यार्थी एवं शोधार्थी मौजूद रहे।
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