दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विशेष योजना शुरू की है। ये फसलें लगाने पर किसानों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। योजना के तहत किसानों को चार हजार रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया गया है। उक्त बातें डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने जारी बयान में कहीं हैं। उन्होंने किसानों से अपील की है कि दलहन और तिलहन की अधिक पैदावार के लिए बीज का उपचार जरूर करवाएं।
उन्होंने बताया कि प्रमुख बाजरा उत्पादक जिलों में मूंग, अरहर और हरंड, मूंगफली की फसल को प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना क्रियान्वित की गई है। राज्य सरकार ने बाजरा के 70 हजार एकड़ रकबे में दलहन और तीस हजार एकड़ में तिलहन फसलें लगाने का लक्ष्य रखा है। इन फसलों के कई लाभ हैं। दलहन फसलें जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ाती हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि दलहन और तिलहन की अधिक पैदावार के लिए बीज का उपचार जरूर करवाएं। साथ ही ‘मेरी फसल, मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर 31 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन जरूर करवाएं। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए स्थानीय कृषि अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है। हेल्पलाइन नंबर 0172-2571553 और 0172-2571544 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
‘मेरा पानी, मेरी विरासत’ की दी जानकारी
कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. सुरेंद्र दहिया ने गांव करौंथा का दौरा किया। किसानों को ‘मेरा पानी, मेरी विरासत’ योजना व
फसल विविधीकरण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को बताया कि धान के स्थान पर कपास, मक्का, अरहर, जवार, सब्जी, मूंग लगाने या खेत को खाली छोड़ने पर सात हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस अवसर पर उप निदेशक डॉ. इंद्र सिंह, सहायक सांख्यिकी अधिकारी विनोद हुड्डा, यशपाल सिंह, विपिन सैनी, सचिन, निदेश, दलवीर, वीरेंद्र, राजकुमार व विकास भी मौजूद थे।