फ्लैग- टीकाकरण में अरुचि : 8140 के सापेक्ष पीजीआईएमएस में 1359 को ही लग सकी कोविशील्ड वैक्सीन
हेडिंग- 24.7 फीसदी ने किया इनकार, 52 फीसद बोले बाद में देखेंगे
फोटो सहित एसएनजे एक
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए जिले में चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान में स्वास्थ्य विभाग को पीजीआईएमएस मायूस कर रहा है। यहां 8140 के सापेक्ष 1359 ने ही शनिवार तक वैक्सीन लगवाई है। संस्थान के कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग ने अपने सर्वे में पाया है कि अब तक 16.5 प्रतिशत ने ही वैक्सीन लगवाई है। जबकि 57 प्रतिशत का कहना है कि वह वैक्सीन के परिणाम आने का अभी और इंतजार करेंगे। इसके अलावा 24.7 प्रतिशत ने वैक्सीन लगवाने से बिल्कुल मना कर दिया है।
पीजीआईएमएस में कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग की सीनियर रेजिडेंट व टीकाकरण की सुपरवाइजर डॉ. शिबा सेठी ने बताया कि शनिवार को 246 को टीका लगाया गया। सर्वे के अनुसार संस्थान में टीकाकरण के लिए पंजीकृत डॉक्टरों, नर्सों व स्टाफ से फोन पर संपर्क किया जाता है। इसमें उनसे उनकी राय पूछी जाती है। इसमें सामने आया कि 18 प्रतिशत ही वैक्सीन लगवाने को तैयार हैं। अधिकांश को वैक्सीन के परिणाम का इंतजार है। इस संबंध में सवाल पूछा जाता है कि वह टीका क्यों नहीं लगवाना चाहते, उनकी राय में संक्रमण खतरनाक है या नहीं, कोरोना से उनकी दिनचर्या में क्या फर्क पड़ा है व वह ड्यूटी के दौरान कितने रिस्क में रहते हैं। इससे सबसे अधिक सवाल पूछा जाता है कि वैक्सीन कितना काम करेगी और यह कितनी सुरक्षित है। अधिकांश का कहना है कि वैक्सीन का ट्रायल जल्द समाप्त हो गया, इसलिए इसके लगने के बाद सुरक्षा पर संदेह है। इसके साइड इफेक्ट का भी अभी पता नहीं है। वहीं कुछ ने बताया कि वह संक्रमित हो चुके हैं और अब वैक्सीन की जरूरत नहीं है। कुछ ने तो स्पष्ट कहा कि उनके जीवन में कोरोना से कोई फर्क नहीं आया, संक्रमण आया और जा चुका है। इस संबंध में कम्यूनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. आरबी जैन ने बताया कि उन्होंने सर्वे के लिए डॉ. शिबा सेठी की ड्यूटी लगा रखी है। उनकी टीम टीकाकरण के लिए स्टाफ को लगातार जागरूक कर रही है।
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1359 में छह को ही टीकाकरण के बाद आई मामूली समस्या
सर्वे रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि पीजीआईएमएस में 1359 लोगों को कोविशील्ड वैक्सीन लगाई गई। इसमें से छह को ही बुखार, उल्टी व मसल पेन की शिकायत हुई है। इसमें भी किसी को मेजर समस्या नहीं हुई और सभी ठीक हैं। टीकाकरण के बाद सामान्य स्वास्थ्य समस्या हो सकती है, इसके बारे में टीकाकरण करवाने वाले को पहले ही जागरूक कर दिया जाता है।