रोहतक। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जिले में किसानों ने 13 स्थानों पर हाईवे पर चक्का जाम किया। दोपहर 12 से तीन बजे तक जाम लगाए जाने से तीन घंटे तक वाहन फंसे रहे। बसों और कारों के फंसने से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई। वहीं जाम स्थल पर यात्रियों के लिए कोई असुविधा नहीं हो इसके लिए किसानों ने कहीं हलवा बांटा तो कहीं चाय पानी के साथ खानपान की व्यवस्था भी की गई। किसानों के जाम की वजह से पुलिस प्रशासन के अधिकारी अलर्ट रहे, हाईवे पर कहीं कोई शरारत नहीं हो इसके लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हालांकि किसानों ने निर्धारित तीन घंटे बाज सभी रास्तों को खोल दिया।
कृषि कानूनों को रद्द कराने व आंदोलन को बदनाम करने की सरकार की साजिशों के खिलाफ जिले में किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर चक्काजाम किया गया। रोहतक में शहर से बाहर जाने वाले सभी राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों को दोपहर 12 से तीन बजे तक विरोध स्वरूप बंद कर दिया गया। किसान सभा के जिला प्रधान प्रीत सिंह ने कहा कि चक्का जाम पूरी तरह सफल रहा। सरकार के प्रति किसानों में भारी रोष नजर आया। किसान सभा के जिला सचिव सुमित सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ अब इस आंदोलन ने जन आंदोलन का रूप ले लिया है। यह बगैर जीत हासिल किए खत्म नहीं होगा। आंदोलन को कुचलने व बदनाम करने के लिए सरकार हर रोज नई-नई साजिशें रच रही है। आंदोलन के खिलाफ दुष्प्रचार भी किया जा रहा है। इसके बावजूद किसानों ने बड़ी संख्या में एकजुट होकर जिले में 13 से ज्यादा जगहों पर चक्का जाम कर अपना गुस्सा दिखाया। इधर, अभिभावक मंच ने भी छोटूराम चौक से मकड़ौली के लिए पैदल मार्च निकालकर चक्का जाम को समर्थन दिया। वहीं खरावड़ में टहलनाथ गोशाला के शिविर में हलवा बांटकर जाम में फंसे यात्रियों की सेवा की गई। इसके साथ ही चाय का भी वितरण किया गया। खानपान की व्यवस्था भी जाम स्थल पर रही।
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जींद हाईवे पर टिटौली व चांदी के ग्रामीण सड़क पर उतरे
जींद हाईवे पर टिटौली व चांदी गांव के लोगों ने जमा लगाया। यहां सड़क पर अवरोधक डालकर किसान आंदोलन के समर्थन में नारेबाजी करते हुए कृषि कानूनों का विरोध किया। झज्जर रोड पर शिमली में भी जाम लगाया गया। आउटर रिंग रोड को भी बंद कराया गया। इसमें मायना-शिमली व अन्य गांवों के किसान शामिल रहे। रोहतक-भिवानी हाईवे पर भाली शुगर मिल के पास किसान व मजदूरों ने संयुक्त तौर पर रास्ते बंद कर चक्का जाम को कामयाब बनाया। इस दौरान मजदूरों ने भी खेती व खाद्य सुरक्षा को उजाड़ने वाले काले कानून रद्द कराने के लिए जमकर नारेबाजी की। रोहतक-दिल्ली हाइवे पर भी रोहद टोल प्लाजा पर किसानों ने पहले से चल रहे धरने के साथ तीन घंटे हाइवे जाम रखा।
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आउटर रिंग रोड लाढ़ौत चौक भी कर दिया बंद
संयुक्त किसान मोर्चा के चक्का जाम करने के आह्वान पर किलोई-लाढ़ौत भैयापुर के सैकड़ों किसान मजदूरों ने आउटर रिंग रोड लाढ़ौत चौक पर जाम लगाया। चक्का जाम की कार्रवाई शांतिपूर्वक रही। रागिनी गायक संजय व टीम के सदस्य आशु, हर्ष, देवेंद्र, गौरव, चमन ने अपनी प्रस्तुतियों से आंदोलनकारियों में जोश भरा। महिलाओं ने गीत गाकर समा बांधा। आंदोलनकारियों ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को रद्द कराने तक संघर्ष जारी रहेगा। चक्का जाम को सीटू, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, पंजाब से आए किसान, ऑल इंडिया लायर्स यूनियन, नागरिक मंच रोहतक, एसएफआई व नौजवान सभा ने भी अपना समर्थन दिया। इस मौके धर्मबीर हुड्डा, बलबीर सिंह, राजू, सुमित, प्रेम सिंह, नरेश, इंदर सिंह, दया सिंह, समुंदर, सुखबीर सिंह प्रधान, महेंद्र सिंह, एडवोकेट अतर सिंह हुड्डा, सोनू, धर्मवीर सिंह, नीरज धामड, रविंदर, सतीश, महेंद्र मोटा, प्रवीण, अर्जुन, प्रशांत, विकास समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
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गांव चमारिया में सडक पर किसानों ने लगाया गया जाम।
मकडौली टोल टैक्स पर जाम के दोरान सडक के बीच में बैठे किसान।