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Rohtak News: जिले में एक साल में 436 लोगों ने छोड़ा धूम्रपान, 182 का इलाज जारी

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फोटो : सोनीपत के नागरिक अस्पताल में तंबाकू निषेध जागरूकता कार्यक्रम के दौरान चिकित्सक व मरीज। स
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सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए तंबाकू निषेध के प्रति जागरूक किया जा रहा है, लेकिन लोग तंबाकू सेवन नहीं छोड़ रहे हैं। धूम्रपान कैंसर, श्वसन और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन रहा है। जिले में एक साल के अंदर 436 लोगों ने धूम्रपान छोड़ दिया है, जबकि 182 लोगों का इलाज जारी है।
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वर्तमान में युवा वर्ग से लेकर बुजुर्गों में तंबाकू सेवन की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। तंबाकू सेवन से गैर-संक्रामक बीमारियों का खतरा हमेशा बना रहता है। मधुमेह, हृदयाघात, स्ट्रोक और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां तंबाकू सेवन से होने की संभावना बढ़ जाती है। धूम्रपान युवाओं की नसों को कमजोर कर रहा है।
फेफड़े और मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ रहा है। इन्हें रोकने के लिए राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (टीसीपी) लागू किया गया था। लोगों को तंबाकू से छुटकारा दिलाने के लिए जिला नागरिक अस्पताल में तंबाकू निषेध केंद्र खोला गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से तंबाकू छोड़ने के लिए दवा के साथ निकोटिन च्युइंगम दिया जाता है।
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स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि निकोटिन पैच शरीर में निर्धारित मात्रा में निकोटिन पहुंचाते हैं, जिससे तंबाकू की इच्छा धीरे-धीरे कम होती है। निकोटिन च्युइंगम का असर कम होने के कारण लोग कई बार लत छोड़ नहीं पाते।
तीन माह का कोर्स
तंबाकू छोड़ने के लिए मरीज से तीन माह का कोर्स कराया जाता है। इसमें उन्हें निकोटिन पैच और च्युइंगम दिया जाता है। निकोटिन के असर से मरीज को तंबाकू सेवन की इच्छा कम होती है और धीरे-धीरे लत छूटने लगती है।

बाक्स
तंबाकू का उपयोग से आती हैं गंभीर बीमारियां
फिजिशियन डॉ. संदीप शर्मा ने बताया कि तंबाकू वैश्विक स्तर पर गंभीर स्वास्थ्य चुनौती है। फेफड़ों का कैंसर, हृदय रोग, श्वसन संबंधी बीमारियां और जीवन की गुणवत्ता में कमी धूम्रपान का निर्विवाद नकारात्मक प्रभाव हैं। तंबाकू के धुएं में मौजूद जहरीले रसायन शरीर के हर अंग को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके कारण कैंसर, श्वसन और हृदय रोग जैसी पुरानी बीमारियां हो सकती हैं और समय से पहले मौत का खतरा बढ़ जाता है।
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वर्जन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से तंबाकू निषेध सप्ताह मनाया गया। इस दौरान लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाली बीमारियों से बचाव की जानकारी दी गई। एक साल में 436 लोगों ने धूम्रपान छोड़ दिया है और 182 लोगों का इलाज जारी है।
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डॉ. योगेश गोयल, उप सिविल सर्जन
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