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सात दिनों में मुद्दों का समाधान नहीं हुआ तो फिर शुरू कर देंगे गांधीगीरी

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zp chairman satish bhalauth ke dharne par pahunche manish grover aur adc mahendra pal - फोटो : RohtakCity
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रोहतक। एडीसी महेंद्र पाल के आश्वासन के बाद जिला परिषद चेयरमैन सतीश भालौठ ने अपना धरना खत्म कर दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर भरोसे के मुताबिक सात दिनों में उनके मुद्दों का समाधान नहीं हुआ तो दोबारा गांधीगिरी शुरू करेंगे।
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कई दिनों से भालौठ और अधिकारियों के बीच चल रहा विवाद पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर की पहल पर निपट गया। ग्रोवर, जिला भाजपा प्रधान अजय बंसल के साथ दोपहर को भालौठ के कार्यालय पहुंचे। एडीसी महेंद्र पाल भी वहां आ गए। एडीसी ने मौके पर ही अधिकारियों से बात कर मुद्दों पर स्थिति की जानकारी ली। साथ ही जल्द से जल्द उनका समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने भालौठ को आश्वासन दिया कि सात दिनों के अंदर सभी मुद्दों का समाधान कर दिया जाएगा। स्कूलों में फीस के संबंध में बोर्ड लगाने से लेकर सामान्य व पशु अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं की सूची लगाने तक, वह जैसा चाहते हैं, वैसा समाधान कर दिया जाएगा। भालौठ ने कहा कि वह आश्वासन के मुताबिक सात दिनों तक इंतजार करेंगे। अगर इस दौरान सभी मुद्दे हल न हुए तो फिर आगे की रणनीति तय करेंगे। गौरतलब है कि छह मुद्दों को लेकर भालौठ ने कुछ दिन पहले एडीसी को उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा था। साथ ही 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया था। वह अवधि पूरी होने के बाद 14 सितंबर से उन्होंने अपने कार्यालय में धरना शुरू कर दिया था। इस दौरान 21 सितंबर को जिप की विशेष बैठक बुलाकर सारे मुद्दे उसके एजेंडे में शामिल कर दिए गए। अधिकारियों ने बैठक में आश्वासन दिया कि सभी काम कर दिए गए हैं। लेकिन बैठक के बाद जब निजी स्कूलों का निरीक्षण किया गया तो वहां बोर्ड नहीं मिले। इसी तरह सामान्य व पशु अस्पतालों के बाहर दवाओं की सूची भी चस्पा नहीं थी। इसके बाद भालौठ ने अगले सप्ताह से अधिकारियों के दफ्तरों के बाहर धरना देने का एलान कर दिया था।
चंडीगढ़ का मुद्दा भी हुआ हल
एडीसी महेंद्र पाल ने मौके पर ही जिले के सभी अधिकारियों से बात कर पूछा कि वे कितने दिनों में मुद्दे का समाधान कर देंगे। उसी के मुताबिक उन्होंने चेयरमैन भालौठ को आश्वासन दिया। एक मुद्दा विकास व पंचायत विभाग के निदेशक से संबंधित था। एडीसी ने उनसे भी फोन पर बात कर ली। जिला परिषद को पीआरआई ग्रांट के तहत आई राशि के ब्याज को खर्च करने के बारे में कई बार दिशा निर्देश मांगे गए थे, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। निदेशक ने कहा कि जैसा सदस्य चाहेंगे, कर दिया जाएगा, एस्टिमेट बना कर भेज दें। भालौठ ने इस पर संतुष्टि जताई।
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जिला परिषद चेयरमैन सतीश भालौठ के सभी मुद्दों पर संबंधित अधिकारियों से बात की गई है। उनसे पूछा गया है कि कितने दिनों में समाधान हो जाएगा, उसी के आधार पर आश्वासन दिया गया है। सात दिनों में सभी मुद्दे हल कर लिए जाएंगे।
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- महेंद्र पाल, अतिरिक्त उपायुक्त।
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