रोहतक। लॉकडाउन है, कहां शिकायत करोगी, कौन मदद करेगा, अब हम ठीक करते हैं तुम्हें। महिला हिंसा में ऐसी धमकियां इन दिनों आम हो गई हैं। महिला को प्रताड़ित करने वाले उन्हें इसी तरह डरा धमका रहे हैं। लोग घरों में बंद हैं, छोटी-छोटी बातों पर कहासुनी भी हो जाती है। घर रहकर महिला हिंसा और बढ़ गई है। पिछले तीन दिन में छह मामले सामने आ चुुके हैं। अप्रैल में 13 केस सामने आए थे। इन केसों की स्टडी में सामने आया कि महिलाएं ही महिला हिंसा में साथ देती हैं। पत्नी से हुई अनबन पर अपने माता-पिता की पिटाई करने का एक मामला सोमवार को सामने आया। यह एक बानगी मामले हैं।
केस 1- शहर के बाहरी हिस्से में रहने वाले एक परिवार में दो दिन पहले सास-बहू के बीच किसी बात पर अनबन हुई थी। इससे आहत पति ने अपने बुजुर्ग माता-पिता को बुरी तरह पीटा। गली के एक व्यक्ति से सुकून सेंटर का नंबर मिलने पर वे अपनी सुरक्षा के लिए वहां पहुंचे। सेंटर पर इनकी काउंसिलिंग व चिकित्सा कराई जा रही है।
केस : 2 : गांधी नगर की एक महिला का कहना है कि उसका पति उसे पीटता है। बात-बात पर धमकी देता है। कहता है। अब कोई बचाने भी नहीं आएगा। लॉकडाउन है। कहां शिकायत करोगी। बड़ी मुश्किल से वहां से निकली और सुकून सेंटर पहुंची। मार व प्रताड़ना से सहमी महिला की यहां काउंसिलिंग के बाद कानूनी मदद की गई।
सात माह में 215 महिलाओं की सहायता की
प्रताड़ित करने या बाल अपराध के मामलों में पीड़ित को तुरंत महिला हेल्पलाइन -1091, चाइल्ड हेल्पलाइन -1098 व दुर्गा शक्ति एप के जरिये अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। ऐसे पीड़ित काउंसिलिंग, जानकारी व सहायता के लिए सुकून सेंटर के मोबाइल नंबर 9992995900 पर संपर्क कर सकते हैं। पिछले सात महीनों मे सुकून सेंटर में 215 महिलाओं की काउंसिलिंग व सहायता की गई है।
घरेलू हिंसा रोकने का बनाया सुकून सेंटर
महिला एवं बाल अपराध के मामलों पर रोकथाम के लिए प्रदेश में 12 सुकून सेंटर शुरू किए गए हैं। रोहतक के सिविल अस्पताल के कमरा नंबर-25 में यह सेंटर चलाया जा रहा है। सुकून सेंटर में निशुल्क कानूनी, मेडिकल, काउंसलिंग व अन्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
सुकून सेंटर हिंसा व प्रताड़ना की शिकार महिलाओं को मदद मुहैया करा रहा है। स्टेट हेल्थ रिसोर्स सेंटर की तरफ से ये सुविधा शुरू की गई है। लॉकडाउन में भी घरेलू हिंसा व बाल अपराध सरीखी घटनाएं सामने आ रही हैं। हालांकि पहले से यह आंकड़ा कम है। घरों से बाहर नहीं निकलने के कारण शिकायत कम हुई हैं।
- राहुल शर्मा, काउंसलर, सुकून सेंटर।