रोहतक। बेटा अगर आप परिजनों के साथ ट्रेन में सफर कर रहे हैं और रास्ते में कोई दिक्कत आए, हेल्पलाइन नंबर 139 मिलाना। रेलवे पुलिस आपके पास पहुंच जाएगी। वीरवार को आरपीएफ थाने में आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन ‘दोस्त पुलिस’ कार्यक्रम में थाना प्रभारी रूप चंद्र मीना ने एसआरएस स्कूल की 10वीं की एनसीसी की छात्राएं जतिन व गीत को यह भरोसा दिया। छात्रा जतिन ने चलती ट्रेन में सामान बेचने वालों पर पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न करने पर सवाल किया था।
आईएमटी स्थित एसआरएस स्कूल के विद्यार्थियों ने पहले झिझकते हुए आरपीएफ पुलिस से सवालों की शुरुआत की। आरपीएफ थाना प्रभारी और टीम ने दोस्ताना अंदाज में जवाब देने शुरू किए तो विद्यार्थियों ने भी पुलिस से दोस्त बनकर सवाल पूछे। स्कूल की अध्यापिका सीमा व सुमन ने बताया कि पुलिस के संवाद से बच्चों को अच्छी सीख मिली। कार्यक्रम में एएसआई रामवीर सिंह, एसआई कप्तान सिंह, धर्मेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
रेलवे ट्रैक पर लोगाें के साथ जानवरों की भी सुरक्षा करती है आरपीएफ
छात्रा गीत ने आरपीएफ से पूछा कि हम लोग तो समझदार होते हैं। पुलिस के समझाने के बाद रेलवे ट्रैक पार नहीं करते। अगर जानवर रेलवे ट्रैक पर पहुंच जाते हैं तो हम उनको कैसे बचा सकते हैं। थाना प्रभारी रूप चंद्र मीना ने जवाब दिया कि रेलवे सुरक्षा बल लोगों के साथ-साथ जानवरों को भी ट्रेनों की चपेट में आने से बचाता है।
यदि कोई जानवर ट्रेन की चपेट में आकर घायल हो जाता है तो पुलिस उसका उपचार कराती है। हमारे सामने कई बार ऐसी घटना हो जाती है कि डर के मारे पुलिस को नहीं बताते
छात्रा जतिन ने सवाल किया, सर! रेलवे स्टेशन पर हमारे सामने कई बार ऐसी घटनाएं हो जाती हैं लेकिन माता-पिता डर के मारे पुलिस को नहीं बताने देते। थाना प्रभारी ने कहा कि अगर आपके सामने कोई घटना हो गई है तो बिना डरे पुलिस को अपना दोस्त समझकर बता देना चाहिए। इससे पुलिस पीड़ित की मदद कर सकती है।
चलती ट्रेन पर पत्थर फेंके तो पुलिस को दें सूचना
आरपीएफ के एएसआई रामवीर सिंह ने विद्यार्थियों को समझाते हुए कहा कि अगर आपको कोई चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकता दिखे तो उसे रोकने की कोशिश करें। यदि इसके बाद भी वह नहीं मानता है तो पुलिस को सूचना दें।