झज्जर। जिले सरकारी स्कूलों में कुछ समय पहले किचन गार्डन बनाए गए थे, लेकिन स्कूलों में पर्याप्त जगह न होने और उचि रखरखाव के अभाव में यह योजना परवान नहीं चढ़ी। अब स्कूल शिक्षा निदेशालय ने फिर से किचन गार्डन बनाने के आदेश दिए हैं। विभाग ने कहा है कि प्रत्येक सरकारी स्कूल में किचन गार्डन बनवाया जाए। जिन स्कूलों में किचन गार्डन तैयार करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। वहां विद्यालय की छत पर किचन गार्डन तैयार करें। गमलों या फिर पोलीबैग में सब्जी लगाई जाएं। जिन जिलों में इस्कान संस्था द्वारा पका हुआ भोजन दिया जाता है, वहां पर किचन गार्डन में सब्जी व सलाद अवश्य उगाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष भारद्वाज ने कहा कि स्कूलों में किचन गार्डन तैयार कराए जाएंगे।
सरकारी स्कूलों में तैयार होंगे हर्बल गार्डन, मांगे प्रस्ताव
वहीं सरकारी स्कूलों में हर्बल गार्डन स्थापित किए जाएंगे। यह हर्बल गार्डन आयुष विभाग की तरफ से तैयार किए जाएंगे। हर्बल गार्डन स्थापित करने के लिए आयुष विभाग की तरफ से मार्च में शिक्षा विभाग से आवेदन मांगे थे। इसके तहत आयुष विभाग द्वारा हर्बल गार्डन स्थापित करने के लिए संबंधित स्कूलों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 500 वर्ग मीटर क्षेत्र के लिए प्रति स्कूल 25 हजार रुपये की दर से वित्तीय सहायता दी जाएगी। स्थापना के लिए प्रथम वर्ष और अगले चार वर्षों के लिए रखरखाव लागत के रूप में प्रति स्कूल 7 हजार रुपये तक दिए जाएंगे। यदि ऐसे स्कूल हर्बल गार्डन के लिए प्रस्ताव करेंगे, जिनका क्षेत्र 500 वर्ग मीटर से कम है तो उन पर भी विचार किया जा सकेगा।
स्क्रीनिंग करने वाले स्कूलों पर लगेगा जुर्माना
नामांकन बढ़ाने के लिए सरकारी व निजी स्कूलों में स्क्रीनिंग करने वालों पर जुर्माना किया जाएगा। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने पत्र जारी कर आदेश दिए हैं कि नामांकन के लिए सरकारी व निजी स्कूलों में किसी प्रकार की बच्चों की स्क्रीनिंग नहीं की जाए। इसकी शिकायत स्कूल शिक्षा निदेशालय को मिली है, जिसके बाद विभाग ने पत्र जारी कर स्क्रीनिंग नहीं करने के आदेश जारी किए हैं।