संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। भाखड़ा बांध से पानी की आपूर्ति कम होने से पेयजल संकट पैदा हो गया है। पहले जब नहर पर्याप्त पानी छोड़ा जाता था तो 16 दिन तक नियमित पानी की आपूर्ति की जाती थी लेकिन इस बार कम पानी छोड़ने के कारण शुरू से ही एक दिन छोड़ कर पानी दिया जा रहा है। अगर आने वाले दिनों में और पानी नहीं छोड़ा गया तो 2 दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति करने की नौबत पैदा हो जाएगी।
पंजाब सरकार की तरफ से भाखड़ा नहर से हरियाणा को मिलने वाले पानी में कटौती करने के बाद रेवाड़ी पर इसका काफी बड़ा असर पड़ा है। नहर में जो पानी 16 दिन के लिए आता था, अब वह अपनी 8 दिन के लिए ही आएगा। ऐसे में अब शहरवासियों को एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा है। इससे पहले जब नहर में पानी आता था तो 16 दिन तक नियमित पानी की सप्लाई होती थी, मगर अब ऐसा नहीं होगा। शहर में राशनिंग सिस्टम चलता है। पहले 24 दिन नहर बंद होती थी, हालात यही रहे तो 30 दिन तक होगी। कुछ दिनों में पानी 2 दिन छोड़कर मिलने लगेगा। इसे देखते हुए पानी की बर्बादी रोकने के लिए जुर्माना लगाने तक के भी आदेश जारी कर दिए गए हैं। दरअसल, गर्मी के सीजन में हर माह 600 क्यूसेक पानी निर्धारित है, कटौती के बाद से अब एकदम से 150 क्यूसेक पानी नहर में मिल रहा है, जो पर्याप्त नहीं है। इससे पहले औसतन 300 से 400 क्यूसेक पानी ही मिल रहा था। जिले में पानी की सप्लाई आधी हो गई है।
पानी के टैंकों को भरा जा रहा
जन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी पानी के टैंकों को भरा जा रहा है। पहले जब नहर में पानी आता था तो 16 दिन के लिए किसी प्रकार की समस्या नहीं होती थी। नियमित पानी की आपूर्ति की जाती थी। अब जब पानी का शेड्यूल 8 दिनों का कर दिया गया है तो विभाग भी असमंजस में है। इसको देेखते हुए अब एक दिन छोड़कर अपनी दिया जा रहा है। अगर पानी की आपूर्ति नहीं बढ़ाई गई तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट भी गहरा सकता है।
पानी बर्बाद करने वाले का कटेगा कनेक्शन
उपायुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति पेयजल बर्बाद करते हुए पाया गया तो उससे भारी भरकम जुर्माना वसूल किया जाएगा। साथ ही उसका पेयजल कनेक्शन तुरंत प्रभाव से काट दिया जाएगा। पेयजल संकट पैदा न हो, इसके लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, सिंचाई विभाग एवं प्रशासन के अन्य अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। पहले से ही सभी तैयारी करने का निर्देश दिया गया है।