रोहतक। बारिश में भीगा धान सुखाने के बाद भी किसानों की परेशानी दूर नहीं हो रही है। किसानों का दावा है कि अब धान को रंग के आधार खरीदने से इन्कार किया जा रहा है जिसकी वजह से वह धान वापस लेकर जाने के लिए मजबूर हैं। शुक्रवार को कुछ किसान उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और समाधान के लिए पत्र सौंपा।
किसानों ने उपायुक्त को बताया कि उन पर मौसम की मार ऐसी पड़ी है कि धान काला पड़ गया है। मंडी में कई जगह तो धान अंकुरित भी हो चुका है। शुक्रवार को भी वह धान सुखाते रहे। इस दिन मंडी में 8973 क्विंटल धान की आवक हुई। अब तक मंडी में 39,142 क्विंटल धान आ चुका है मगर 17,750 क्विंटल ही बिक पाया है। इस दिन मंडी से 1,930 क्विंटल धान का उठान हुआ।
अब धान में नमी सही मिली तो रंग के आधार पर उसे खरीदने से इन्कार किया जा रहा है। झज्जर से यहां धान बेचने आए थे मगर वापस लेकर जा रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि सरकार खरीदना ही नहीं चाहती है।- शमशेर, झज्जर
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बारिश के बाद धान को सुखाया है मगर रंग उतर गया है कहकर खरीदने से इन्कार किया जा रहा है। मंडी में मिल खरीदार भी एक है। ऐसे में धान घाटे में बेचना पड़ेगा। -सुभाष, झज्जर।
वर्जन
खरीद एजेंसियां अपने मानक के हिसाब से खरीद करती हैं। यह काम खरीद एजेंसी का है। -दीपक लोहचब, सचिव, मार्केट कमेटी।
मनमाने रेट पर भी खरीदने का लगाया आरोप
लघु सचिवालय पहुंचे किसानों ने उपायुक्त को बताया कि मंडी में मनमाने रेट पर धान खरीदा जा रहा है। एक मिल वाला होने की वजह से ऐसा हो रहा है। धान में नमी ठीक है मगर रंग के आधार खरीदने से इन्कार किया जा रहा है। किसानों ने समस्या का जल्द समाधान करवाने की मांग की।
25 नई अनाज मंडी में बारिश की मार से काला पड़ा धान मंडी में सूखता हुआ। संवाद
25 नई अनाज मंडी में बारिश की मार से काला पड़ा धान मंडी में सूखता हुआ। संवाद