रेवाड़ी। जनगणना से जनकल्याण के उद्देश्य को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कार्य जारी है। शिक्षाविद एवं साहित्यकार मनोज वशिष्ठ ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना भर नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य की योजनाओं और विकास की मजबूत नींव तैयार करने का माध्यम है।
राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।उन्होंने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) का कार्य पूरा कर लिया गया है।
इस प्रक्रिया में प्रगणकों द्वारा प्रत्येक भवन और मकान को सूचीबद्ध कर उन्हें एक विशिष्ट संख्या प्रदान की गई है। अब अगले चरण में प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र करेंगे।
मनोज वशिष्ठ ने कहा कि आगामी चरण में 33 महत्वपूर्ण प्रश्नों के माध्यम से परिवार के सदस्यों की संख्या, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। उन्होंने बताया कि एक ही भवन में रहने वाले अलग-अलग परिवारों और सेंसस घरों की सही जानकारी सरकार को जनहितकारी योजनाओं की बेहतर रूपरेखा तैयार करने में मदद करती है।
उन्होंने आमजन को जागरूक करते हुए कहा कि जब तक प्रत्येक व्यक्ति की सही जानकारी शासन तक नहीं पहुंचेगी, तब तक सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना संभव नहीं होगा। स्कूल, अस्पताल, सड़क, पेयजल और अन्य विकास कार्यों की योजना इसी आंकड़ों के आधार पर तैयार की जाती है।
वशिष्ठ ने नागरिकों से अपील की कि जब भी प्रगणक उनके घर आएं तो उन्हें पूरा सहयोग दें और बिना किसी भय या संकोच के सही जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनगणना से संबंधित सभी आंकड़े पूरी तरह गोपनीय रखे जाते हैं और उनका उपयोग केवल राष्ट्र के विकास एवं योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि सटीक डेटा ही बेहतर योजनाओं और समग्र विकास का आधार है।