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तीसरे मोर्च के सवाल पर बोले टिकैत: किसान तो आंदोलन करके बच जाएगा, एकजुटता नहीं दिखाई तो विपक्ष खत्म

Mon, 26 Sep 2022 10:39 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

किसान नेता राकेश टिकैत भारतीय किसान यूनियन हरियाणा की युवा इकाई के संगठन के लिए आयोजित प्रदेश स्तरीय युवा सम्मेलन में पहुंचे थे। बोले कि हरियाणा का युवा शांति से आंदोलन कर अपना काम करवाना सीख गया है। वहीं विपक्ष पर कहा कि तीसरा मोर्चा ऐसा जहाज, जहां हर कोई खुद को कैप्टन मान रहा, एक पर सहमति नहीं बनी तो डूब जाएंगे।
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रोहतक जाट धर्मशाला में प्रदेश स्तरीय युवा सम्मेलन में पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि देश का किसान तो आने वाले समय में आंदोलन करके बच जाएगा, लेकिन विपक्ष एकजुट नहीं हुआ तो खत्म हो जाएगा। वे सोमवार को रोहतक के जाट भवन में आयोजित भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश स्तरीय युवा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। 

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तीसरे मोर्च के सवाल पर टिकैत बोले, विपक्ष भी एक ऐसे जहाज में सवार है, जहां हर कोई खुद को कैप्टन बता रहा है। समय रहते एक चेहरे पर सहमति नहीं बनी तो यह जहाज भी डूब जाएगा। किसान एमएसपी को पूरे देश में लागू कराने के लिए फिर से आंदोलन करेगा।  

किसाना आंदोलन में युवाओं की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए कहा उन्होंने कहा कि युवा ही देश को बचा सकता है। क्योंकि किसान के साथ बड़ी साजिश चल रही है। युवाओं को खेत के साथ-साथ आंदोलन पर भी नजर रखनी है। युवा अपने काम धंधे भी करे और नशे से दूर रहें। हरियाणा के लोग बहुत क्रांतिकारी हैं, आंदोलन के बाद शांति से काम करवाना सीख गए। पिछले दिनों 13 माह तक शांति से देश की राजधानी को घेर कर कृषि कानूनों को वापस करवाया है।
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नेता नहीं जनता चलाती है आंदोलन
टिकैत ने कहा कि बड़ी लड़ाई जब लड़ी जाती है तब मजबूत संगठन की जरूरत पड़ती है। इसलिए मेहनती युवाओं को टीम में शामिल किया जा रहा है। पूर्व में हुए किसान आंदोलन से लोगों ने बोलना सीख लिया है। जनता अपनी बातों को सरकार के सामने उठाने लगी है। देश के प्रधानमंत्री अब कहीं बोलेंगे तो किसान, मजदूर और आदिवासी का नाम लेंगे। स्वामीनाथन रिपोर्ट, एमएसपी और फसलों के उचित भाव लागू करवाने के लिए पूरे देश में दोबारा से किसान आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नेताओं से कोई आंदोलन नहीं चलता, आंदोलन चलाती है जनता। चार साल की नौकरी से रिटायर होकर देश का युवा घर आएगा तो वह आंदोलन करेगा।

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