रोहतक। प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। अब वे पढ़ाई के साथ विदेश जाने, वहां पढ़ाई करने, वहां के संस्थानों की जानकारी भी ले सकेंगे। इसके लिए कॉलेज में एक इंटरनेशनल अफेयर्स ऑफिसर (आईएओ) लगाया जाएगा। यह विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को शांत कर उनका मार्ग प्रशस्त करेगा।
नई एनईपी (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) के तहत किए गए इस प्रावधान को शीघ्र लागू किया जाएगा। इस बारे में उच्चतर शिक्षा निदेशक डॉ. हेमंत वर्मा ने प्राचार्यों को निर्देश जारी कर दिए हैं। पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर बैठक के लिए पहुंचे निदेशक ने संवाद न्यूज एजेंसी से हुई बातचीत में यह खुलासा किया।
निदेशक ने बताया कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय व कॉलेज में एक इंटरनेशनल अफेयर्स ऑफिसर बनाया जाएगा। यह ऑफिसर विद्यार्थियों को बताएगा कि कैसे दूसरे देशों में जाकर विद्यार्थी पढ़ाई कर सकते हैं। विद्यार्थी विदेश जाने का सही तरीका जानने के साथ इसके लिए जरूरी परीक्षा व अन्य बातें भी जान सकेगा, साथ ही विदेश के विद्यार्थी यहां अध्ययन के लिए आ सकें, इस पर भी जोर दिया जाएगा।
कॉलेजों में शैक्षणिक कार्य सुचारु बनाने के लिए विभाग 2500 शिक्षकों की भर्ती करने का जा रहा है। यह भर्ती प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी। इससे प्रदेश के कॉलेजों में ज्यादातर रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्त होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा। नई शिक्षा नीति को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जहां तक फीस वृद्धि की बात है, फिलहाल कहीं भी फीस नहीं बढ़ाई गई है। जिस विश्वविद्यालय ने फीस बढ़ाई, उसने भी इसे वापस ले लिया है। इस तरह के किसी भी फैसले को लागू करने से पहले निदेशालय से अनुमति लेनी होगी। संवाद
एनईपी में विद्यार्थियों के लिए बेहतर विकल्प
एनईपी 2020 के तहत विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के बेहतर विकल्प दिए गए हैं। इसके तहत एक विद्यार्थी अपने कोर्स के साथ पसंद का कोई एक अन्य विषय भी पढ़ सकता है। इसके लिए हर वर्ष की पढ़ाई के बाद उसे प्रमाण पत्र दिया जाएगा। यदि वह चार साल पढ़ाई करता है तो स्नातक की डिग्री दी जाएगी। पांच साल पढ़ाई करने पर स्नातकोत्तर डिग्री प्रदान की जाएगी। यही नहीं, बीच में पढ़ाई छोड़ने वाला आगे पढ़ाई कर सकता है। इसके अलावा अन्य प्रावधान भी किए गए हैं।
- डॉ. लोकेश बलहारा, प्राचार्य, पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज।