गिफ्ट वाउचर के नाम पर 1500 करोड़ रुपये की लेन-देन करने के बाद करोड़ों की सीजीएसटी चोरी के मामले में हैदराबाद की फर्म को नोटिस भेजा गया है। इसके जवाब में फर्म संचालक की ओर से जांच में शामिल होने के लिए छह जुलाई का समय मांगा है।
गिफ्ट वाउचर के नाम पर एक फर्म से दूसरे फर्म में हुई खरीद-फरोख्त के मामले में सीजीएसटी को हैदराबाद की फर्म की ओर से जांच में शामिल होने का इंतजार है। 30 जून को नोटिस देकर उसे बुलाया गया था मगर उसकी ओर से 6 जुलाई का समय मांगा गया। विभागीय अधिकारी की मानें तो उस फर्म की ओर से टैक्स की चोरी अधिक हुई है। उसकी ओर से पैसा भी जमा कराया जाना है। दूसरी ओर स्टेट जीएसटी अधिकारी भी पूरे मामले को खंगालने में लग गए हैं। सिरसा और हिसार के स्टेट जीएसटी केे अधिकारियों ने सी जीएसटी अधिकारियों के साथ बैठक की है।
गिफ्ट वाउचर मामले की जांच चल रही है। स्टेट जीएसटी अधिकारियों ने भी इस मामले में इनपुट लिया है। इसके साथ ही हैदराबाद की फर्म की ओर से 6 जुलाई के बाद अगली तस्वीर साफ होगी।
- विजय मोहन जैन, आयुक्त, सीजीएसटी, रोहतक।
पेनाल्टी के कारण जीएसटी रिटर्न न भरने वालों के लिए अच्छी खबर
30 सितंबर तक 500 जुर्माने का भुगतान कर दाखिल कर सकते हैं रिटर्न
जीएसटी रिटर्न भरने के दौरान आने वाली परेशानी व रोजाना लगने वाली पेनाल्टी के कारण कई लोग रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए हैं। विभाग की ओर से ऐसे उपभोक्ताओं के लिए एक स्कीम लांच की है। इसके तहत 30 सितंबर तक 500 के जुर्माने के साथ उपभोक्ता अपनी रिटर्न दाखिल कर सकता है। सीजीएसटी आयुक्त विजय मोहन जैन ने रोहतक रेंज के जिले रोहतक सोनीपत, बहादुरगढ़, सिरसा, हिसार, जींद, चरखी दादरी, भिवानी के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह लोगों को इसके लिए जागरूक करें और लंबित मामलों का निपटारा कराएं। टैक्स मामलों के वकील अशोक जांगड़ा ने बताया कि केंद्र सरकार की स्कीम से हजारों लोगों को रिटर्न दाखिल करने का मौका मिलेगा। सरकार की ओर से उपभोक्ताओं के लिए यह बेहतर मौका है।