संविधान ने भारत के प्रत्येक नागरिक को कुछ मौलिक अधिकार दिए हैं।
यदि इन अधिकारों का हनन हुआ तो यह वास्तव में संविधान का हनन है। यह बात बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मारकंडे आहूजा ने मानवाधिकार दिवस पर हुए कार्यक्रम में कही।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में सभी को समानता, आजादी, किसी विषय के बारे में जानकारी जैसे बहुत से ऐसे मौलिक अधिकार प्राप्त हैं जिन पर यदि अध्ययन शुरू किया जाए तो बहुत समय लगेगा।
विडंबना यह है कि हम अधिकार तो चाहते हैं परंतु अपने कर्त्तव्यों को, अपनी जिम्मेदारियों और दायित्वों को पूरा करने के बारे में कभी नहीं सोचते हैं। इस मौके पर रजिस्ट्रार डॉ. अंजू आहूजा, डॉ. संगीता आहूजा, डॉ. सी.पी. श्योराण, डॉ. रामफूल शर्मा, डॉ. कमलेश मलिक, डॉ. पी.सी. जुनेजा, डॉ. रामकीर्ति अरोड़ा और डीन छात्र कल्याण अमन वशिष्ठ मौजूद रहे।